Qatar: अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है कतर, संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान हुई सीधी बातचीत।

कतर इन दिनों अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए बड़ी कूटनीतिक कोशिश कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान कतर की पहल पर दोनों देशों के बीच महीनों बाद पहली बार सीधी बातचीत हुई है। प्रधानमंत्री कार्यालय के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता डॉ. माजिद बिन मोहम्मद अल अंसारी ने इस बात की पुष्टि की है कि दोहा वाशिंगटन और तेहरान के बीच भरोसे की कमी को दूर करने में जुटा हुआ है।
कतर के अधिकारी कर रहे हैं दोनों पक्षों के बीच लगातार प्रयास
कतर के अधिकारी लगातार अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। उनका मकसद एक ऐसा अल्पकालिक समझौता कराना है जिससे क्षेत्र में शांति बनी रहे। डॉ. अल अंसारी ने यह भी बताया कि दोनों देश इस इंतजार में हैं कि दूसरा पक्ष पहले कदम उठाए, लेकिन कतर बातचीत के जरिए समाधान निकालने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इस बीच, कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने 22 सितंबर 2026 को महासभा को संबोधित करते हुए मौजूदा क्षेत्रीय हालात को सबसे खतरनाक दौर बताया था। उन्होंने गजा के युद्ध और अमेरिका-ईरान तनाव का हवाला दिया और होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री नौवहन के लिए फिर से खोलने की सख्त जरूरत पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री की द्विपक्षीय बैठकें और गजा पर रुख
संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ही कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी ने ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात की ताकि तनाव को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके। इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने भी यह कन्फर्म किया कि ईरान ने शत्रुता समाप्त करने के लिए कतर के रास्तों का इस्तेमाल किया है। कतर का प्रतिनिधिमंडल लगातार गजा पट्टी में युद्धविराम के लिए भी दबाव बना रहा है, जहां प्रधानमंत्री ने इस्राइल द्वारा गजा रोडमैप को खारिज किए जाने की निंदा की। इस पूरी प्रक्रिया के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप Qatar MoFA की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
रवांडा और बेल्जियम के बीच बहाल हुए रिश्ते
अमेरिका और ईरान के अलावा कतर ने कूटनीतिक मोर्चे पर एक और बड़ी सफलता हासिल की है। कतर की मध्यस्थता से रवांडा और बेल्जियम के बीच 18 महीने से बंद पड़े कूटनीतिक रिश्ते 22 सितंबर 2026 को फिर से बहाल हो गए। कतर की इन तमाम अंतरराष्ट्रीय शांति पहलों के बारे में विस्तृत अपडेट QNA News पोर्टल पर भी उपलब्ध कराए गए हैं।