Qatar में अमेरिका और ईरान के बीच हुई सीक्रेट बात, सऊदी और यमन में बढ़ा तनाव.

Aanya24 September 20263 min read3 viewsSaudi
Qatar में अमेरिका और ईरान के बीच हुई सीक्रेट बात, सऊदी और यमन में बढ़ा तनाव.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के साइडलाइन पर न्यू यॉर्क में कतर की मध्यस्थता से ईरान और अमेरिका के बीच महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस गुप्त बैठक में ईरानी विदेश मंत्री عباس عراقچی (अब्बास अराघची) और अमेरिकी दूत Steve Witkoff तथा Jared Kushner शामिल हुए। इस दौरान ईरान ने युद्ध को समाप्त करने, नौसैनिक नाकेबंदी हटाने, आर्थिक प्रतिबंधों को खत्म करने और जमी हुई ईरानी संपत्तियों को बहाल करने की मांग रखी। अमेरिका ने इस सत्र को बहुत अच्छा और उपयोगी बताया, जबकि पूर्व राष्ट्रपति Trump ने तेल की कीमतों में आई गिरावट का जिक्र किया। कतर के अमीर Sheikh Tamim bin Hamad Al Thani ने यूएन में कहा कि यह क्षेत्र सबसे खतरनाक दौर से गुजर रहा है।

सऊदी अरब और यमन में लगातार हवाई हमले जारी

एक तरफ जहां कतर में कूटनीतिक बातचीत चल रही थी, वहीं दूसरी तरफ यमन में संघर्ष बहुत ज्यादा तेज हो गया। हौथी सैन्य प्रवक्ता Yahya Sarea ने बुधवार को जानकारी दी कि सऊदी F-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने 24 घंटे के भीतर 52 हवाई और मिसाइल हमले किए। ये हमले होदेइदाह, ताइज़, अल-बायदा, मारिब और सादा जैसे इलाकों पर किए गए। प्रवक्ता के अनुसार, मौजूदा संघर्ष के दौर में अब तक कुल 988 हमले हो चुके हैं, जिससे स्कूलों, पुलों और टेलीकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है और आम नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। सऊदी सरकार की तरफ से इन आंकड़ों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन यमन की सरकारी सेना ने ताइज़ के पास हौथी नेतृत्व की एक बैठक को निशाना बनाने का दावा किया है। हौथी विद्रोहियों का लाल सागर के तट पर नियंत्रण बना हुआ है, जिससे बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर खतरा मंडरा रहा है.

खाड़ी देशों में सुरक्षा और प्रवासियों पर असर

इस बढ़ते तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले कामगारों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। रियाद, ताइफ, यानबू, जेद्दा और मक्का जैसे प्रमुख शहरों में एयर रेड अलर्ट जारी किए गए हैं। राजधानी रियाद और अरामको की सुविधाओं पर हुए हमलों के बाद किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ईंधन टैंकों में आग लग गई थी। गठबंधन सेना की एयर डिफेंस ने रियाद के ऊपर एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया, जिससे उड़ानों के संचालन में रुकावट आई और शिपिंग तथा बीमा की लागत पर असर पड़ा है। ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि उनका हौथियों पर सीधा नियंत्रण नहीं है, लेकिन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने हस्तक्षेप बढ़ाया तो युद्ध की दिशा बदल दी जाएगी। इस चेतावनी का सीधा मतलब है कि कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और ओमान में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर आ सकते हैं. इस स्थिति पर नजर रखने वाले भारतीय और अन्य प्रवासी जो खाड़ी देशों में काम करते हैं, वे भी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं क्योंकि उड़ानों और स्थानीय व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। आने वाले 48 घंटों में यह साफ हो जाएगा कि कतर की यह कूटनीतिक पहल आगे बढ़ेगी या सऊदी अरब और हौथियों के बीच चल रहा सैन्य टकराव ही हावी रहेगा। इस पूरी कूटनीतिक बैठक और घटनाक्रम की जानकारी Reuters की रिपोर्ट के माध्यम से सामने आई है।

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