कतरी टीम ने तेहरान में की 3 घंटे बैठक, 36 घंटे में आ सकता है ईरान-अमेरिका का जवाब
कतर ईरान और अमेरिका के बीच राजनयिक बातचीत करा रहा है। क्षेत्रीय तनाव के बीच अंतरिम समझौते की उम्मीद जताई गई है।

दोहा: क्षेत्रीय तनाव के बीच कतर ईरान और अमेरिका के बीच राजनयिक बातचीत कराने की कोशिशों में जुटा है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने कहा है कि दोनों देश बातचीत के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्हें एक अंतरिम समझौते की उम्मीद है। अल अंसारी ने इस प्रक्रिया के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि अगर उम्मीद नहीं होती, तो बातचीत ही नहीं होती।
कतर फिलहाल वाशिंगटन और तेहरान के बीच प्रस्तावों के आदान-प्रदान में मदद कर रहा है। दोनों पक्ष कतरी मध्यस्थों द्वारा दिए गए सुझावों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी सिलसिले में एक कतरी प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार, 2 नवंबर को तेहरान में ईरानी अधिकारियों के साथ तीन घंटे की बैठक की, जिसके बाद वे दोहा लौट आए।
ताजा प्रस्तावों पर दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया अगले 36 घंटों के भीतर आने की उम्मीद है। यह राजनयिक प्रयास ऐसे समय में हो रहे हैं जब क्षेत्र में अस्थिरता बनी हुई है। अमेरिका ने हाल ही में केशम द्वीप पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाते हुए 'रक्षात्मक' हमले किए हैं।
माजिद अल अंसारी ने चेतावनी दी है कि सैन्य तनाव बढ़ने से क्षेत्रीय सुरक्षा को खतरा होगा और बातचीत की प्रक्रिया जटिल हो जाएगी। कतर ने स्पष्ट किया है कि खाड़ी में नौवहन की स्वतंत्रता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। साथ ही, अल मयदा एलएनजी कैरियर जैसे जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की गई है।
ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे बातचीत में शामिल हैं, लेकिन वे 'अत्यधिक मांगों' को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने जोर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कुछ खास शर्तों का पूरा होना जरूरी है। ईरान ने किसी भी संभावित समझौते को लागू करने के लिए दो दिवसीय संक्षिप्त योजना का प्रस्ताव भी रखा है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि एक समझौता हो सकता है, हालांकि उन्होंने जरूरत पड़ने पर सैन्य बल के इस्तेमाल की तैयारी बनाए रखी है। कतर के नेतृत्व में इस मध्यस्थता का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा अंतरिम समझौता करना है जिससे विश्वास बढ़े और स्थायी शांति का रास्ता खुले।