Qatar के विदेश राज्य मंत्री का पूर्वी लीबिया का ऐतिहासिक दौरा, 14 साल बाद कतर के किसी बड़े नेता ने किया दौरा।

कतर के विदेश राज्य मंत्री Mohammed bin Abdulaziz Al-Khulaifi ने लीबिया की एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कूटनीतिक यात्रा पूरी की है। यह पिछले 14 वर्षों में कतर के किसी विदेश राज्य मंत्री की पूर्वी लीबिया क्षेत्र की पहली यात्रा है, जिसे कतर, मिस्र और तुर्किये के संयुक्त प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है। इस पूरी कूटनीतिक पहल का मुख्य उद्देश्य बंटे हुए लीबिया देश को फिर से एक करना और वहां शांति स्थापित करना है। इस यात्रा के दौरान क्षेत्रीय स्थिरता और आपसी सहयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
त्रिपोली में हुई उच्च स्तरीय बैठकें और सुरक्षा समझौते
बुधवार, 26 अगस्त 2026 को मंत्री Al-Khulaifi ने त्रिपोली में कई अहम मुलाकातें कीं। उन्होंने गवर्नमेंट ऑफ नेशनल यूनिटी यानी GNU के प्रधानमंत्री Abdul Hamid Dbeibah, हाई काउंसिल ऑफ स्टेट के अध्यक्ष Dr. Mohammed Muftah Takala और प्रेसिडेंशियल काउंसिल के चेयरमैन Dr. Mohamed Al Menfi से उच्च स्तरीय चर्चा की। इन बैठकों के दौरान लीबिया, कतर, तुर्किये और इटली के बीच चार-पक्षीय सहयोग तंत्र पर भी विस्तार से बात हुई। इस विशेष तंत्र का मकसद अवैध प्रवासन से निपटना है। दोनों पक्षों ने एक संयुक्त संचालन कक्ष यानी ज्वॉइंट ऑपरेशन रूम पर भी चर्चा की जो 18 जून 2026 से सक्रिय है। यह कक्ष सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने, तस्करी नेटवर्कों को खत्म करने और स्वैच्छिक वापसी कार्यक्रमों को आसान बनाने का काम करता है। इन सभी जानकारियों की पुष्टि कतर के विदेश मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयानों में की गई है।
बेंगाजी का दौरा और संयुक्त राष्ट्र के साथ चर्चा
अपनी यात्रा के अगले चरण में गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को मंत्री Al-Khulaifi बेंगाजी पहुंचे। वहां उन्होंने लीबियाई नेशनल आर्मी यानी LNA के कमांडर Khalifa Haftar और LNA के उप-कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल Saddam Khalifa Haftar से मुलाकात की। कतर के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयानों के अनुसार, ये मुलाकातें लीबिया की संप्रभुता, स्थिरता और वहां के लोगों की उम्मीदों के मुताबिक राजनीतिक प्रक्रिया का समर्थन करने के लिए कतर की पक्की प्रतिबद्धता को दिखाती हैं। अपनी इस यात्रा के दौरान मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिनिधि और लीबिया में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन यानी UNSMIL की प्रमुख Hanna Tetteh से भी मुलाकात की। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाले राजनीतिक रास्ते के प्रति कतर का समर्थन फिर से दोहराया गया। दोहा की तरफ से यह साफ किया गया कि देश में एक स्थायी और व्यापक राजनीतिक समझौते तक पहुंचने के लिए लगातार बातचीत और राष्ट्रीय मेल-मिलाप बहुत जरूरी है। इस बात की पूरी जानकारी कतर के आधिकारिक पोर्टल पर दी गई है।