कतर में कर्मचारियों का पासपोर्ट जब्त करने वाले मालिकों पर लगेगा 25 हजार रियाल तक का जुर्माना गृह मंत्रालय ने दी चेतावनी

दोहा: कतर के गृह मंत्रालय ने नियोक्ताओं को सख्त चेतावनी दी है कि वे अपने कर्मचारियों के पासपोर्ट अपने पास न रखें। मंत्रालय ने साफ किया है कि रेजिडेंसी परमिट जारी होने या उसके नवीनीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पासपोर्ट को कर्मचारी को लौटाना अनिवार्य है।
गृह मंत्रालय के सर्च एंड फॉलो-अप विभाग द्वारा आयोजित एक वेबिनार के दौरान यह जानकारी दी गई। डिटेंशन सेक्शन के प्रमुख मेजर सऊद हमद अलबुराइड ने बताया कि बिना कर्मचारी की लिखित सहमति के उसका पासपोर्ट रखना कानूनी रूप से गलत है।
नियमों का उल्लंघन करने वाले नियोक्ताओं पर 25,000 कतरी रियाल तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। मंत्रालय ने जोर दिया है कि रेजिडेंसी की औपचारिकताएं पूरी होते ही पासपोर्ट तुरंत वापस किए जाएं। जिन कर्मचारियों के दस्तावेज जब्त किए गए हैं, उन्हें संबंधित अधिकारियों से मदद लेने की सलाह दी गई है।
मेजर अलबुराइड ने साल 2015 के कानून नंबर 21 का जिक्र करते हुए प्रवासियों के प्रवेश, निकास और निवास से जुड़े अन्य कानूनी परिणामों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि अवैध वीजा व्यापार करने वालों को तीन साल तक की जेल और 50,000 रियाल का जुर्माना हो सकता है। दोबारा अपराध करने पर यह जुर्माना 1 लाख रियाल तक बढ़ सकता है।
इसके अलावा, रेजिडेंसी परमिट को 90 दिनों के भीतर रिन्यू न कराने पर 10,000 रियाल तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। मंत्रालय ने उन लोगों से भी अपील की है जिनका वीजा खत्म हो गया है और जिन पर कोई कानूनी मामला नहीं है, कि वे देश छोड़ने के लिए सहायता प्राप्त करने हेतु स्वेच्छा से गृह मंत्रालय से संपर्क करें।