Qatar में 999 इमरजेंसी कॉल को लेकर आया नया नियम, भारतीय प्रवासी तुरंत जान ले सही पता बताने का तरीका.

कतर के गृह मंत्रालय ने देश में रह रहे सभी भारतीय प्रवासियों और अन्य नागरिकों के लिए एक बहुत जरूरी आदेश जारी किया है। जब भी आप किसी दुर्घटना, आग लगने या फिर किसी मेडिकल इमरजेंसी में फंस जाएं और मदद के लिए 999 नंबर पर फोन करें, तो आपको अपनी सही जगह की जानकारी देनी होगी। सही जानकारी न होने की वजह से कई बार राहत टीम को मौके पर पहुंचने में देरी हो जाती है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
सही पता बताने का यह है सही तरीका
केंद्रीय संचालन विभाग के कैप्टन अहमद मोहम्मद अल मुतावा ने दो सितंबर को एक ऑनलाइन जागरूकता कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया था। उन्होंने बताया कि फोन करने वाले व्यक्ति को अपने घर या ऑफिस के बाहर लगी नीली प्लेट पर लिखे हुए नंबर साफ-साफ बताने होंगे। इन नीली प्लेट्स पर जोन नंबर, स्ट्रीट नंबर और बिल्डिंग या हाउस नंबर साफ शब्दों में लिखे होते हैं। अगर आप ये तीनों जानकारियां ऑपरेटर को सही से बता देते हैं, तो बचाव दल बिना किसी देरी के सीधे आपके पास पहुंच जाएगा।
कतर के नेशनल कमांड सेंटर ने यह भी साफ किया है कि आपातकालीन सेवा 999 पर सिर्फ अरबी या अंग्रेजी ही नहीं, बल्कि कई अन्य भाषाओं में भी बात की जा सकती है। इस सेवा में हिंदी, उर्दू, बंगाली और मलयालम जैसी भाषाएं भी शामिल हैं। इसका मतलब यह है कि भाषा की कोई भी रुकावट आपकी सुरक्षा के बीच में नहीं आएगी और आप अपनी भाषा में अपनी बात अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे।
24 घंटे काम करता है यह नंबर
यह 999 नंबर कतर का आधिकारिक और चौबीसों घंटे चालू रहने वाला इमरजेंसी नंबर है। इस एक नंबर पर फोन करने से आप अल फजा इमरजेंसी पुलिस, ट्रैफिक डिपार्टमेंट, सिविल डिफेंस, एम्बुलेंस सेवा, कोस्ट गार्ड और आंतरिक सुरक्षा बल से सीधे जुड़ जाते हैं। फोन पर बैठे ऑपरेटर आपसे कुछ खास बातें पूछ सकते हैं, जैसे कि घटना किस तरह की है, आपकी सटीक जगह क्या है, कुल कितने लोग घायल हुए हैं और आपके आसपास कौन सी मशहूर जगह या लैंडमार्क मौजूद है।
प्रवासियों की भलाई के लिए यह सलाह दी जाती है कि वे अपने घर की नीली एड्रेस प्लेट की फोटो अपने फोन में खींचकर रख लें या फिर इसके नंबर सेव कर लें। इससे जब भी जरूरत पड़े, आप बिना किसी घबराहट के सही जानकारी तुरंत दे सकें। इसके अलावा, जो लोग ठीक से सुन नहीं सकते, उनके लिए सरकार ने एक अलग सेवा 992 भी बनाई है। इस खास नंबर पर वीडियो कॉल, एसएमएस या ईमेल के जरिए संपर्क किया जा सकता है। ऐसे लोग सहायता के लिए [email protected] पर ईमेल भेजकर अपना नाम, पूरा पता और घायल लोगों की जानकारी दे सकते हैं।
फालतू फोन करने पर हो सकती है कार्रवाई
गृह मंत्रालय ने सभी लोगों को चेतावनी दी है कि इस आपातकालीन नंबर का गलत इस्तेमाल बिल्कुल न करें। बिना किसी जरूरी काम के फोन करने से उन लोगों की जान जोखिम में पड़ सकती है जिन्हें वाकई में तुरंत मदद की जरूरत होती है। अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर झूठी या भ्रामक जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।