कतर ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई क्षेत्रीय रक्षा साझेदारी का किया ऐलान और डिफेंस प्रोडक्शन हब बनाने की तैयारी की

दोहा: कतर अपनी सुरक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एक नई क्षेत्रीय रक्षा साझेदारी शुरू करने जा रहा है। यह घोषणा देश के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मामलों के राज्य मंत्री शेख सौद बिन अब्दुलरहमन अल-थानी ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को की।
शेख सौद ने यह जानकारी दोहा में आयोजित ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम के दौरान दी। यह फोरम 19 से 21 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है, जिसकी मेजबानी द सौफान सेंटर और कतर इंटरनेशनल एकेडमी फॉर सिक्योरिटी स्टडीज कर रहे हैं।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक नया डिफेंस प्रोडक्शन हब बनाना है। इसके जरिए कतर बैलिस्टिक मिसाइलों, ड्रोन और साइबर हमलों जैसे खतरों से निपटने की अपनी क्षमता को बढ़ाना चाहता है। हालांकि, उस क्षेत्रीय साझेदार का नाम अभी नहीं बताया गया है जिसके साथ यह गठबंधन होगा।
शेख सौद ने बताया कि स्थानीय रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने और डिफेंस कंपनियों में निवेश बढ़ाने के लिए अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के साथ सहयोग किया जा रहा है। कतर ने अपनी रक्षा जरूरतों की समीक्षा के बाद एयर डिफेंस, काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजी, साइबर सिक्योरिटी और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के रूप में चुना है।
सुरक्षा पर यह खास ध्यान ईरान के साथ हालिया संघर्ष के बाद बढ़ा है, जिसमें महत्वपूर्ण एलएनजी उत्पादन केंद्र रस लफ्फन औद्योगिक परिसर को नुकसान पहुंचा था। शेख सौद ने कहा कि क्षेत्र की रक्षा में अमेरिका के साथ सहयोग बहुत मददगार रहा और संघर्ष के दौरान 90 प्रतिशत से अधिक हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किया गया।
खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों के बीच अलग-अलग विदेश नीतियों का जिक्र करते हुए शेख सौद ने कहा कि क्षेत्रीय तनाव और ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं से होने वाले आर्थिक नुकसान से बचने के लिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाना जरूरी है। कतर अब तक अपनी पहचान मीडिया और खेल कूटनीति जैसे सॉफ्ट पावर के जरिए बनाता रहा है, लेकिन अब यह अपनी रणनीति बदल रहा है।