कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका-ईरान वार्ता शुरू करने की कोशिश, तेनहर ने रखी सात शर्तें

Aanya21 September 20262 min read0 viewsQatar
कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका-ईरान वार्ता शुरू करने की कोशिश, तेनहर ने रखी सात शर्तें

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कतर और पाकिस्तान की सरकारें अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को दोबारा शुरू कराने के लिए लगातार कोशिश कर रही हैं। Qatar’s Foreign Ministry ने 21 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि उनके मध्यस्थ दल पिछले लगभग दो हफ्ते से अलग-अलग राजधानियों के बीच लगातार संपर्क बनाए हुए हैं और दोनों देशों के बीच प्रस्तावों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। अमेरिकी प्रशासन ने भी इस संघर्ष का कोई शांतिपूर्ण हल निकालने की इच्छा जताई है, जिससे स्थिति में सुधार की थोड़ी उम्मीद जागी है।

ईरान की सात शर्तें और अमेरिकी राष्ट्रपति का रुख

इससे पहले ईरान के सुरक्षा प्रमुख Mohsen Rezaei ने 20 सितंबर को यह कन्फर्म किया था कि तेहरान ने कतर और पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के पास अपनी सात खास शर्तें औपचारिक तौर पर भेज दी हैं। इन शर्तों में से ईरान ने तीन मांगों को सबसे अहम बताया है, जिसमें सभी मोर्चों पर युद्ध को पूरी तरह से बंद करना, ईरान की जमी हुई संपत्तियों को वापस जारी करना और अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी को तुरंत हटाना शामिल है। अब ईरान इन सभी मांगों पर अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की तरफ से किसी आधिकारिक जवाब का इंतजार कर रहा है।

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हॉर्मोज़ जलडमरूमध्य को लेकर चेतावनी और सैन्य तैयारी

हालांकि कूटनीतिक कोशिशें जारी हैं, लेकिन जमीन पर तनाव अभी भी बहुत ज्यादा बना हुआ है। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने 21 सितंबर को साफ ऐलान किया कि जब तक ईरान की सभी सातों शर्तें पूरी नहीं हो जातीं और अमेरिका अपने वादे पूरे नहीं करता, तब तक Strait of Hormuz को बंद रखा जाएगा। इसके अलावा, ईरान के Khatam al-Anbiya Central Headquarters ने भी 21 सितंबर को कड़ी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या उसके क्षेत्रीय सहयोगी किसी भी खुफिया जानकारी के आधार पर फिर से हमले की कोशिश करते हैं, तो क्षेत्र में मौजूद अमेरिका के सभी सैन्य अड्डों और हितों को लगातार निशाना बनाया जाएगा। रेजाई ने यह भी जोर देकर कहा कि अगर वॉशिंगटन उनकी मांगें ठुकराता है, तो ईरान एक निर्णायक युद्ध के लिए पूरी तरह से तैयार है।

इस्लामाबाद समझौता और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति

इन नई वार्ताओं का संभावित ढांचा जून में साइन किए गए Islamabad Memorandum of Understanding पर आधारित होने की उम्मीद है, जो जुलाई में दोनों तरफ से हुए हमलों के बाद टूट गया था। इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क जा रहे हैं और अपने इस सफर के दौरान उच्च स्तर की बातचीत के लिए दोहा में भी रुकेंगे। क्षेत्रीय स्थिति को बहुत ज्यादा संवेदनशील और खतरनाक मानते हुए, US State Department ने 20 सितंबर को एक सुरक्षा अलर्ट जारी किया है, जिसमें मध्य पूर्व में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को अचानक हालात बिगड़ने के खतरे को देखते हुए बहुत ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

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