अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर और पाकिस्तान ने पेश किया नया शांति प्रस्ताव

Sushma Kumari21 October 20262 min read0 viewsQatar
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर और पाकिस्तान ने पेश किया नया शांति प्रस्ताव

दोहा: अमेरिका और ईरान के बीच जारी विवाद को सुलझाने के लिए कतर और पाकिस्तान ने मिलकर एक नया मध्यस्थता प्रस्ताव पेश किया है। 20 अक्टूबर 2026 को दोनों देशों के अधिकारियों ने वॉशिंगटन और तेहरान को यह 'मिडल-ग्राउंड प्रपोजल' सौंपा, जिस पर दोनों पक्षों से शुरुआती सकारात्मक संकेत मिले हैं।

यह कोशिश मौजूदा संघर्ष के आठवें महीने में तनाव को कम करने के लिए की गई है। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम और कतर में रखे गए 6 अरब डॉलर जैसे फ्रीज किए गए ईरानी एसेट्स की स्थिति जैसे अहम मुद्दों को शामिल किया गया है।

कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि बड़ी चुनौतियों के बावजूद बातचीत जारी है। विदेश मंत्रालय के मीडिया और संचार निदेशक इब्राहिम बिन सुल्तान अल-हाशिमी ने भी पुष्टि की कि राजनयिक संदेशों का आदान-प्रदान और संपर्क लगातार बना हुआ है।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर 20 अक्टूबर को तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने ईरानी अधिकारियों के सामने यह शांति प्रस्ताव रखा। हालांकि, ईरान की ओर से अभी भी सावधानी बरती जा रही है।

ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने 20 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि औपचारिक बातचीत शुरू करने के लिए अमेरिका को अपनी धमकियां बंद करनी होंगी और प्रतिबंध हटाने होंगे। वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि बिचौलियों के जरिए अप्रत्यक्ष बातचीत चल रही है, लेकिन ईरान से समृद्ध यूरेनियम नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने अमेरिका की विश्वसनीयता पर भी संदेह जताया।

ईरानी संसदीय स्पीकर गालिबाफ ने बताया कि अमेरिका को ईरान का भरोसा जीतने के लिए सात शर्तों को पूरा करना होगा।

राजनयिक प्रयासों में क्षेत्रीय सुरक्षा और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पर भी ध्यान दिया जा रहा है। कतर ने समुद्री सुरक्षा और इंटरनेट के महत्वपूर्ण केबलों की सुरक्षा के लिए बातचीत की वकालत की है। ईरानी प्रतिनिधियों के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते की अवधि के छठे दिन तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह फिर से खोलने की उम्मीद है।

यह सारी हलचल ऐसे समय में हो रही है जब स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में हालिया झड़पें हुई हैं और यमन से मिसाइल हमला किया गया है। सभी पक्षों का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए इस विवाद का समाधान जरूरी है।

Share:

Comments

Leave a comment