अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कतर और पाकिस्तान लगातार कर रहे हैं मध्यस्थता की कोशिशें

दोहा: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच शांति समझौता कराने के लिए कतर और पाकिस्तान लगातार कोशिशें कर रहे हैं। क्षेत्रीय तनाव और नए संघर्ष के डर के बावजूद दोनों देशों के बीच राजनयिक प्रयास जारी हैं।
कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि कतरी और पाकिस्तानी चैनलों के जरिए दोनों देशों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है। 6 अक्टूबर को कतरी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इब्राहिम बिन सुल्तान इब्राहिम अल हाशमी ने इस मध्यस्थता की पुष्टि की थी।
इसी सिलसिले में ईरान के आंतरिक मंत्री एस्कंदर मोमेनी ने दोहा में कतरी अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से मुलाकात की। मोमेनी ने इस बैठक के दौरान ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन का एक रचनात्मक प्रस्ताव सौंपा।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 17 अक्टूबर को कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन उसे सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए विश्वसनीय गारंटी चाहिए। उन्होंने कतर के जरिए होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन के लिए सात दिनों का एक प्रस्ताव भी भेजा है।
दूसरी तरफ, अमेरिका के सीरिया और इराक के विशेष दूत ने 20 अक्टूबर को तेहरान के साथ शांतिपूर्ण समाधान की इच्छा जताई। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 अक्टूबर को संकेत दिया कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक और सैन्य दबाव बनाए रखे हुए है। ट्रंप ने यह भी साफ किया कि उनके पास कई क्षमताएं हैं, लेकिन उनका इरादा ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करने का नहीं है।
तनाव के बीच अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगसेथ ने 19 अक्टूबर को चेतावनी दी कि अगर ईरान ने बातचीत की मेज पर अपने मिसाइल जखीरे और परमाणु महत्वाकांक्षाओं का समाधान नहीं किया, तो उसे विनाश का सामना करना पड़ सकता है।
इसी दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने तेहरान में अपने ईरानी समकक्ष से मुलाकात कर चल रही बातचीत पर चर्चा की। कतर ने स्थिरता और गैर-आक्रामकता को बढ़ावा देने के लिए जीसीसी देशों, ईरान, तुर्की और पाकिस्तान को शामिल कर एक नया क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा प्रस्तावित किया है।
क्षेत्रीय खतरों और ईरानी समर्थित हूतियों से जुड़ी शत्रुता के कारण अमेरिका ने 19 अक्टूबर को कतर में अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। दूतावास ने लोगों को यात्रा में होने वाली बाधाओं और खतरों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी है।