Qatar: कतर के प्रधानमंत्री ने की मध्य पूर्व में शांति की अपील, ईरान के हमलों पर जताई कड़ी चिंता.

कतर के प्रधानमंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al Thani ने पिछले दिनों मध्य पूर्व में चल रहे तनाव को कम करने के लिए एक बड़ी और जरूरी अपील जारी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय शांति के लिए सभी विवादों को खत्म करना बहुत जरूरी है ताकि कोई भी देश किसी दूसरे देश के लिए खतरा न बने। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि कूटनीति यानी बातचीत ही सभी पुरानी और चल रही समस्याओं का एकमात्र पक्का समाधान है।
ईरान के हमलों और ऊर्जा सुरक्षा पर चिंता
कतर के प्रधानमंत्री ने हाल ही में हुए ईरानी हमलों की खुलकर निंदा की और चेतावनी दी कि इससे हमारे ऊर्जा ठिकानों को बड़ा खतरा पैदा हो रहा है। उन्होंने खास तौर पर Ras Laffan साइट का जिक्र किया, जो देश के लिए बेहद जरूरी है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे इस टकराव की वजह से पूरी दुनिया में खलबली मची हुई है, जिसका असर यह हुआ कि कच्चे तेल यानी ऑयल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। कतर के इन बयानों से साफ है कि खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं और इसका असर वहां रहने वाले आम लोगों के साथ-साथ काम करने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है।
तेहरान पहुंचा कतर का बातचीत दल
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Dr. Majed Al Ansari ने मीडिया को बताया कि कतर इस समय अमेरिका और ईरान के बीच सीधी मध्यस्थता नहीं कर रहा है, लेकिन शांति समझौता कराने के लिए कतर की एक खास टीम राजधानी तेहरान पहुंच चुकी है। उन्होंने इस स्थिति को बेहद पेचीदा बताया और कहा कि इस मामले को सुलझाने के लिए सभी पक्षों को साथ बैठकर बड़ी बातचीत करनी होगी तभी क्षेत्र में शांति का नया दौर शुरू हो पाएगा। साथ ही यह भी साफ किया गया कि कतर अपने देश के हितों और सुरक्षा की रक्षा करने का पूरा अधिकार रखता है और किसी भी प्रकार की बाहरी आक्रामकता से निपटने के लिए तैयार है।
समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग
इस बीच कतर की कूटनीति केवल अपने इलाके तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सहयोग बढ़ाया जा रहा है। सिंगापुर के विदेश मंत्री Dr. Vivian Balakrishnan ने पिछले दिनों दोहा का दौरा किया था, जहां उन्होंने कतरी अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय नियमों और समुद्री सुरक्षा को बनाए रखने की अपनी बात दोहराई। उन्होंने लाल सागर और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए UNCLOS नियमों का पालन करने पर जोर दिया ताकि वहां काम करने वाले नाविकों और जहाजों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस पूरी आधिकारिक जानकारी को आप Singapore Ministry of Foreign Affairs Official Website पर जाकर पढ़ सकते हैं। इसके अलावा, कतर के प्रधानमंत्री ने तुर्की के विदेश मंत्री Hakan Fidan के साथ भी उच्च स्तरीय बैठकें की हैं ताकि क्षेत्र में फिर से भाईचारा और शांति स्थापित की जा सके।