कतर और चीन के बीच मजबूत हुए रिश्ते, बीजिंग में प्रधानमंत्री ने की उच्च स्तर पर खास मुलाकात.

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलकरमान अल थानी ने चीन की राजधानी बीजिंग में चीनी प्रधानमंत्री ली किआंग से मुलाकात की। यह बैठक सोमवार, 7 सितंबर 2026 को हुई, जो दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के लिए थी। इस आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने आने वाले दशक को आपसी रिश्तों का 'स्वर्णिम दशक' बनाने पर जोर दिया। इस उच्च स्तरीय वार्ता में ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, वित्त और आधुनिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक गहरा करने पर विशेष चर्चा की गई। चीन की सरकार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस आधिकारिक दौरे से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट आप चाइना गवर्नमेंट पोर्टल पर देख सकते हैं।
ऊर्जा और तकनीकी सहयोग पर विशेष जोर
चीनी प्रधानमंत्री ली किआंग ने मध्य पूर्व में कतर को एक बेहद अहम रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने कहा कि चीन बेल्ट एंड रोड पहल के तहत कतर के साथ अपने विकास रणनीतियों को जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। दोनों नेताओं ने व्यापार, आधुनिक तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी खुलकर बातचीत की। चीनी प्रधानमंत्री ने आपसी निवेश की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की इच्छा जताई और साथ ही यह भी आग्रह किया कि कतर में काम कर रहे चीनी नागरिकों और कंपनियों के लिए एक सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जाए। कतर के प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि उनका देश आपसी भरोसे और सम्मान के आधार पर इन संबंधों को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ग्रीन एनर्जी जैसे आधुनिक क्षेत्रों में भी मिलकर काम करने की अपनी इच्छा साझा की है। इसके अलावा सांस्कृतिक आदान-प्रदान और पांडा संरक्षण तथा अनुसंधान जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
क्षेत्रीय सुरक्षा और मध्यस्थता पर बात
बैठक के दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी गंभीर चर्चा की गई। चीनी प्रधानमंत्री ने मध्य क्षेत्र में शांति और स्थिरता लाने के लिए कतर द्वारा किए जा रहे प्रयासों और मध्यस्थता की खुलकर प्रशंसा की और चीन की तरफ से पूरा समर्थन देने का वादा किया। कतर के प्रधानमंत्री ने इस बात को दोहराया कि उनका देश बातचीत के जरिए ही हर विवाद को सुलझाने में विश्वास रखता है। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा और नेविगेशन की स्वतंत्रता बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस संबंध में आधिकारिक बयान कतर के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट MOFA Qatar पर भी जारी किया गया है। यह अहम बैठक ईरान के हालिया दौरे के तुरंत बाद हुई, जिसमें कतर के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए बातचीत की थी। इन तमाम कूटनीतिक बैठकों का असर खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और भारत से आने-जाने वाले यात्रियों पर भी सकारात्मक रूप से पड़ता है, क्योंकि क्षेत्र में शांति रहने से व्यापार और यात्रा सुगम रहती है।