Qatar PM Tehran Visit: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी, कतर के प्रधानमंत्री पहुंचे तेहरान, बातचीत से सुलझाने की कोशिश

Nura Basta27 August 20263 min read37 viewsQatar
Qatar PM Tehran Visit: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव जारी, कतर के प्रधानमंत्री पहुंचे तेहरान, बातचीत से सुलझाने की कोशिश

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए अब कतर के प्रधानमंत्री ने बड़ा कदम उठाया है। बुधवार, 26 अगस्त 2026 को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कह दिया है कि उनके पास इस विवाद को सुलझाने के लिए कोई तय समयसीमा नहीं है। वहीं दूसरी तरफ, हालात को संभालने के लिए कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलrahman अल थानी गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को तेहरान पहुंच गए हैं, जहां उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची से अहम मुलाकात की है।

कतर की पहल और कूटनीतिक कोशिशें

फरवरी में शुरू हुए इस अमेरिकी-ईरान संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच यह पहली उच्च स्तर की बातचीत है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने मीडिया को बताया कि यह दौरा इस बात को साबित करता है कि कतर क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए बातचीत को ही सबसे सही रास्ता मानता है। इस बैठक में मुख्य रूप से वॉशिंगटन और तेहरान के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करने और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को पहले की तरह बहाल करने पर चर्चा की जा रही है।

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ईरान और ओमान के बीच समुद्री गलियारे पर समझौता

एक तरफ जहां कतर बातचीत की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ ईरान और ओमान ने मिलकर एक बड़ा फैसला लिया है। ईरान के सैन्य समाचार पोर्टल डिफा प्रेस के मुताबिक, दोनों देशों ने कमर्शियल जहाजों के आने-जाने के लिए एक अस्थायी साझा समुद्री गलियारा बनाने पर सहमति जताई है। यह ऐलान गुरुवार, 27 अगस्त 2026 को किया गया। इस नए रास्ते में दो-दो समुद्री मील की दो अलग लाइनें होंगी, जिनकी कुल चौड़ाई लगभग सात समुद्री मील होगी।

इस योजना के तहत देश में आने वाले जहाज ईरानी पानी से गुजरेंगे, जबकि बाहर जाने वाले जहाज ईरान और ओमान दोनों के समुद्री इलाकों का इस्तेमाल करेंगे। ईरान के उप विदेश मंत्री काजिम घरीबाबादी ने यह भी साफ कर दिया है कि इस रास्ते का इस्तेमाल कोई भी सैन्य जहाज नहीं कर पाएगा। हालांकि, इस रास्ते का चालू होना इस बात पर निर्भर करता है कि अमेरिका अपना नौसैनिक नाकाबंदी हटा ले और पुराने समझौते की शर्तों का पालन करे। ईरान की मांग है कि उसके फ्रीज किए गए पैसे वापस दिए जाएं, नए प्रतिबंध रोके जाएं और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई बंद हो। ईरान और ओमान अगले 30 से 60 दिनों में इसे लेकर पक्की बातचीत करेंगे।

डोनाल्ड ट्रंप का बयान और मौजूदा हालात

अलजजीरा की पत्रकार तान्या नूरी को दिए इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह किसी भी जल्दी में नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका इस लड़ाई में बहुत बड़े अंतर से जीत रहा है। उन्होंने इसके पीछे ईरान की कमजोर अर्थव्यवस्था, महंगाई और प्रदर्शनकारियों के साथ बर्ताव का हवाला दिया है, जिसे उनकी सरकार की आर्थिक नीतियों और सैन्य हमलों की सफलता बताया गया है। इस बीच, खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और भारत से व्यापार के लिए आवाजाही करने वालों की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि कब यह नौसेना का तनाव पूरी तरह खत्म हो और रास्ते सुरक्षित हों।

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