क्षेत्रीय तनाव के बीच लेबनान की मदद के लिए बेरूत पहुंचे कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान

बेरूत: क्षेत्रीय संघर्ष के बीच लेबनान को अपना समर्थन देने के लिए कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल-थानी गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को बेरूत पहुंचे। दो दिनों की इस आधिकारिक यात्रा के दौरान उन्होंने लेबनान की आर्थिक स्थिरता और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर वहां के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं।
शुक्रवार को शेख मोहम्मद ने लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन, प्रधानमंत्री डॉ. नवाफ सलाम और संसद अध्यक्ष नबीह बेरी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लेबनान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्थिरता के प्रति कतर की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने लेबनान के दक्षिणी हिस्से में हमलों को तुरंत रोकने और वहां से इजरायली सेना की वापसी की मांग की।
कतर के प्रतिनिधिमंडल ने लेबनानी सेना के कमांडर जनरल रोडोल्फ हयकल और जनरल सिक्योरिटी चीफ मेजर जनरल हसन शुकेयर से भी बातचीत की। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुख्य आधार के रूप में लेबनानी सेना को निरंतर समर्थन देने पर जोर दिया गया।
आर्थिक सुधारों पर चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने बताया कि कतर लेबनान में बिजली की एक बड़ी परियोजना को बिना किसी लागत के फंड करेगा और उसे लागू करेगा। लेबनान इस समय गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है, ऐसे में यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। इसके अलावा, कतरएनर्जी और फ्रांसीसी कंपनी टोटलएनर्जीज ने लेबनान में एक सोलर पावर प्लांट विकसित करने के लिए समझौता किया है।
ये सभी पहल अमेरिका के साथ समन्वय कर बनाई गई एक व्यापक रणनीति का हिस्सा हैं। इसका मकसद दक्षिणी लेबनान में भविष्य के पुनर्निर्माण की नींव रखना है, ताकि विस्थापित लोग अपने घरों को वापस लौट सकें। राष्ट्रपति औन ने स्थिरता बहाल करने के लिए दोहा के राजनयिक प्रयासों की सराहना की और दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान रोकने के लिए इजरायल पर दबाव बनाए रखने का आग्रह किया।