कतर के प्राइवेट स्कूलों में बढ़ेंगी 6,883 सीटें, शिक्षा मंत्रालय ने लागू किए नए नियम

Sushma Kumari6 October 20262 min read0 viewsQatar
कतर के प्राइवेट स्कूलों में बढ़ेंगी 6,883 सीटें, शिक्षा मंत्रालय ने लागू किए नए नियम

कतर के शिक्षा और उच्च शिक्षा मंत्रालय (MoEHE) ने निजी स्कूलों में छात्रों की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े बदलावों का ऐलान किया है। 'लचीला निवेश वातावरण और टिकाऊ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा' विषय पर आयोजित एक फोरम के दौरान मंत्रालय ने बताया कि मिड-फी प्राइवेट स्कूलों में अब सीटों की संख्या में करीब 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। इस पहल के जरिए कुल 6,883 अतिरिक्त सीटें तैयार की जाएंगी, जिससे 46 स्कूलों के हजारों छात्रों को लाभ मिलेगा।

इस विस्तार को संभव बनाने के लिए मंत्रालय ने क्लासरूम स्पेस के नियमों में ढील दी है। अब प्रति छात्र अनिवार्य स्थान की आवश्यकता को घटाकर 1.7 वर्ग मीटर कर दिया गया है। खास बात यह है कि इन नई सीटों में से 688 सीटें सामाजिक जिम्मेदारी कार्यक्रम के तहत पात्र छात्रों के लिए पूरी तरह मुफ्त रखी गई हैं।

लाइसेंस और भर्ती नियमों में बड़ा बदलाव

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शिक्षा मंत्रालय ने न केवल सीटों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को भी आसान बनाया है। अब शिक्षा लाइसेंस की वैधता अन्य सरकारी लेनदेन की तरह 3 से 5 साल तक होगी। वहीं, आंतरिक मंत्रालय के साथ समन्वय करके ट्रैफिक सुरक्षा लाइसेंस की अवधि को सालाना के बजाय 3 साल कर दिया गया है।

शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों की भर्ती के मामले में भी अब स्कूलों को मंत्रालय से पूर्व अनुमति लेने की जरूरत नहीं होगी। स्कूल केवल एक औपचारिक घोषणा और वचन पत्र जमा करके भर्ती कर सकेंगे, हालांकि मंत्रालय फील्ड मॉनिटरिंग और योग्यता सत्यापन का अधिकार अपने पास रखेगा।

वाउचर स्कीम में भी अपडेट किए गए हैं। नए स्कूल 2027-28 के शैक्षणिक वर्ष से वाउचर्स के लिए पात्र होंगे, बशर्ते उनका इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर हो और उन्होंने कतरी स्टाफ को नियुक्त किया हो। इसके अलावा, एक नई 'क्वालिटी स्कूल्स' श्रेणी शुरू की जाएगी। जो स्कूल AI इंटीग्रेशन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी जैसे 20 विशिष्ट मानदंडों को पूरा करेंगे, वे अपनी बुनियादी ट्यूशन फीस में 30 प्रतिशत तक की वृद्धि कर सकेंगे।

आंकड़ों की बात करें तो वर्तमान में कतर के निजी क्षेत्र में 351 स्कूल/नर्सरी हैं, जिनमें 2,28,488 छात्र और 20,310 शिक्षक कार्यरत हैं। वहीं सार्वजनिक क्षेत्र में 278 संस्थान और 1,37,048 छात्र हैं। सामाजिक जिम्मेदारी के तहत 'मनारत एल्म' प्रोग्राम जैसे initiatives के जरिए सालाना करीब 500 छात्रों की फीस, किताबें और यूनिफॉर्म का खर्च उठाया जा रहा है।

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