कतर ने संयुक्त राष्ट्र में उठाई आवाज़, ईरान के क्षेत्रीय हमलों को बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन.

कतर राज्य ने ईरान के उन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है जिसमें ईरान ने कतर की ज़मीन पर किए गए अपने सैन्य हमलों को सही ठहराया था। कतर सरकार ने इस तर्क को कानूनी रूप से पूरी तरह निराधार और अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन बताया है। 5 सितंबर 2026 तक की स्थिति के अनुसार, कतर का साफ कहना है कि ईरान की इन हरकतों के पास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत कोई भी कानूनी आधार नहीं है। इसके साथ ही, ईरान नागरिकों पर पड़े असर और नुकसान की जिम्मेदारी से किसी भी हाल में बच नहीं सकता है।
संयुक्त राष्ट्र प्रमुख और सुरक्षा परिषद को भेजे गए पत्र
बीते 4 सितंबर 2026 को संयुक्त राष्ट्र में कतर की स्थाई प्रतिनिधि शेखा आलिया अहमद बिन सैफ अल-थानी ने एक जैसे दिखने वाले पत्र संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष जेरोम बोनाफॉन्ट को सौंपे। इन पत्रों में उन हमलों का पूरा ब्योरा दर्ज है जो 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए थे। QNA के मुताबिक, कतर ने संयुक्त राष्ट्र के सामने आधिकारिक तौर पर अपनी बात रखी है।
दोहा की तरफ से यूनाइटेड नेशंस को दिए गए दस्तावेजों में यूएन चार्टर के अनुच्छेद 2(4) और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) का हवाला दिया गया है। इन प्रस्तावों और अनुच्छेदों में इन हमलों को शांति के लिए एक बड़ा खतरा बताया गया है। कतर ने ईरान की तरफ से आत्मरक्षा के लिए दिए जा रहे अनुच्छेद 51 के तर्क को भी सिरे से नकार दिया है और कहा है कि इस तरह के कदमों के लिए जो शर्तें पूरी होनी चाहिए, वे यहां बिल्कुल भी पूरी नहीं होती हैं।
नागरिक बस्तियों और बुनियादी ढांचे को बनाया गया निशाना
कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलrahman बिन جاسم अल थानी ने इस बात की पुष्टि की है कि ईरान के दावे बिल्कुल गलत थे कि हमले सिर्फ अमेरिकी ठिकानों तक सीमित थे। असलियत में इन हमलों ने रिहायशी इलाकों, आम नागरिकों की बस्तियों, जरूरी बुनियादी ढांचे और औद्योगिक क्षेत्रों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसमें लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) सुविधाएं भी शामिल हैं।
कतर के विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता मजेद अल अंसारी ने ईरान के उन दावों को भी झूठा बताया जिसमें पहले से चेतावनी देने की बात कही गई थी। उनका कहना था कि कतर को कभी भी किसी हमले की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई थी।
मिसाइल डिफेंस सिस्टम और घायलों की जानकारी
संयुक्त राष्ट्र के आधिकारिक रिकॉर्ड के मुताबिक, ईरान की तरफ से दागी गई कुल 101 बैलिस्टिक मिसाइल में से 98 मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया गया। इसके अलावा, 12 ड्रोनों में से 5 ड्रोनों को भी मार गिराया गया और ईरान के दो Su-24 फाइटर जेट भी तबाह कर दिए गए।
इन ताबड़तोड़ हमलों की वजह से लगभग 1 मार्च 2026 के आसपास 16 लोग घायल हो गए थे। इसके बाद 20 जुलाई को एक बच्चे समेत 3 और लोग घायल हुए। कतर ने साफ किया है कि वह इस पूरे संघर्ष का हिस्सा नहीं है और कतर लगातार शांति और बातचीत के रास्ते पर चलने की कोशिश कर रहा है। इसके साथ ही, कतर ने यह भी अधिकार सुरक्षित रखा है कि वह अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इन हमलों में हुए नुकसान का पूरा मुआवजा वसूल करेगा।