Qatar का कड़ा रुख, UN में इस्रायली प्रधानमंत्री के भाषण का किया विरोध और लगाए गंभीर आरोप

Sushma Kumari25 September 20262 min read5 viewsQatar
Qatar का कड़ा रुख, UN में इस्रायली प्रधानमंत्री के भाषण का किया विरोध और लगाए गंभीर आरोप

कतर देश ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस्रायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के भाषण और उसमें लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। यह घटनाक्रम न्यूयार्क में आयोजित 81st United Nations General Assembly के दौरान हुआ, जहां इस्राइल के नेता के भाषण के समय माहौल काफी तनावपूर्ण रहा। कतर सरकार ने इस पूरे मामले पर कड़ी आपत्ति जताई और इसे दुनिया का ध्यान भटकाने की एक चाल बताया।

UN General Assembly में क्या हुआ था

न्यूयार्क में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को आयोजित इस महासभा में इस्रायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने अपने संबोधन के दौरान कतर और तुर्की जैसे देशों पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनका दावा था कि ये देश इस्राइल के खिलाफ पब्लिक ओपिनियन को प्रभावित करने के लिए अभियान चला रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि कतर हमास के नेताओं को शरण देता है। इस भाषण के दौरान हॉल में मौजूद हालात बिल्कुल अलग थे क्योंकि कतर समेत कम से कम 77 countries के दर्जनों प्रतिनिधियों ने विरोध जताते हुए हॉल से वॉकआउट कर दिया था और कतर की सीटें पूरी तरह खाली नजर आई थीं। भाषण के बाद इस्रायली प्रधानमंत्री ने वॉकआउट करने वाले इन अधिकारियों को 'नैतिक रूप से कायर' करार दिया था।

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कतर के विदेश मंत्रालय का आधिकारिक जवाब

इस पूरे विवाद के बाद शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को कतर के प्रधानमंत्री के सलाहकार और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता Dr. Majed Al Ansari ने इन सभी आरोपों का कड़ाई से खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस्रायली सरकार का यह बयान केवल कब्जे वाले फिलिस्तीनी इलाकों में हो रही मानवीय त्रासदियों और अत्याचारों से लोगों का ध्यान भटकाने का एक प्रयास मात्र है। उन्होंने इस बात को भी खारिज कर दिया कि दुनिया भर में, खासकर युवा पीढ़ी के बीच बदलती सोच किसी बाहरी प्रभाव का नतीजा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर लोग जो कुछ भी अपनी आंखों से लाइव देख रहे हैं, उस पर सवाल उठाना आम जनता की समझ का अपमान करने जैसा है।

कूटनीतिक स्तर पर विरोध और अपील

अमेरिका में कतर के उप राजदूत Hamad Al-Muftah ने भी इस बात पर जोर दिया कि भाषण के दौरान असेंबली हॉल का आधा खाली रहना बहुत कुछ बयां करता है। कतर ने एक बार फिर इस्रायली नेतृत्व से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और अपनी क्षेत्रीय नीतियों पर पुनर्विचार करने की अपील की है ताकि इलाके में शांति का माहौल बन सके।

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