अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर कतर ने शांतिपूर्ण समाधान की अपील की और क्षेत्रीय युद्ध का खतरा जताया

दोहा: अमेरिका और ईरान के बीच जारी संकट को खत्म करने के लिए कतर ने शांतिपूर्ण समाधान की अपील की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस विवाद का जल्द से जल्द हल निकलना दोनों पक्षों और क्षेत्र के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा।
मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर तनाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिसकी आंच मौजूदा सीमाओं से बाहर तक फैल सकती है। दोहा में ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच गोपनीय बातचीत अभी भी जारी है।
अल-अंसारी ने ईरान से अपील की है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में गैर-जिम्मेदाराना हमलों को बंद करे। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नौवहन की स्वतंत्रता का पालन करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि कतर इस संघर्ष के दौरान सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा करने में उसके साथ खड़ा है।
कतर के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मामलों के राज्य मंत्री शेख सऊद बिन अब्दुलरहमन अल थानी ने फोरम में कहा कि अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच इस टकराव का वैश्विक आर्थिक असर अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय व्यापार, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता में और अधिक बाधाएं आने की आशंका जताई है।
शेख सऊद ने यह भी बताया कि मार्च में हुए हमलों के बाद कतर का रस लफ्फन औद्योगिक परिसर अब भी क्षतिग्रस्त है और इसकी पूरी मरम्मत में कई साल लग सकते हैं।
दूसरी तरफ वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पत्रकारों को संकेत दिया है कि वह मिडटर्म चुनाव के बाद उठाए जाने वाले कदमों के लिए युद्ध विभाग द्वारा दिए गए विकल्पों की समीक्षा कर रहे हैं। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 20 अक्टूबर को कहा कि क्षेत्रीय मुद्दों को कूटनीति के जरिए सुलझाना चाहिए। अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य और पूरे क्षेत्र में असुरक्षा और तनाव के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
कतर के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि पहले की एक विफल युद्धविराम कोशिश के बावजूद तेहरान और वॉशिंगटन के बीच दौरों और बातचीत का सिलसिला जारी है।