अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव से दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा सकता है कतर ने दी चेतावनी

दोहा (कतर): अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट आने का खतरा बढ़ गया है। कतर के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मामलों के राज्य मंत्री शेख सौद बिन अब्दुलरहमन अल थानी ने चेतावनी दी है कि इस संघर्ष से पैदा होने वाले ऊर्जा झटके अभी अपने चरम पर नहीं पहुंचे हैं।
19 अक्टूबर 2026 को 'द फ्यूचर ऑफ अलायंस' थीम पर आयोजित ग्लोबल सिक्योरिटी फोरम में उन्होंने यह बात कही। अल थानी ने संप्रभुता को खतरों और ऊर्जा आपूर्ति में संभावित रुकावटों के साथ-साथ इस संघर्ष के क्षेत्रीय असर पर चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कतर एक नई क्षेत्रीय रक्षा साझेदारी की तैयारी कर रहा है, जिसमें हवाई रक्षा, ड्रोन विरोधी उपायों और साइबर सुरक्षा पर जोर दिया जाएगा।
उप प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि कतर, पाकिस्तान और ओमान द्वारा की जा रही मध्यस्थता की कोशिशों से अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच कोई समझौता हो सकता है।
इसी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर ईरान ने अपना रास्ता नहीं बदला तो अमेरिका जल्द ही इस काम को खत्म कर सकता है। ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को भी अपना पूरा समर्थन दिया, जबकि 27 अक्टूबर को इजरायल में चुनाव होने वाले हैं। नेतन्याहू ने कहा कि दुश्मनों को हराने का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इस्लामिक रिपब्लिक का पतन उनका मुख्य रणनीतिक लक्ष्य है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इजरायल को दोबारा संघर्ष में न कूदने की चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान पिछले मुकाबलों से और मजबूत होकर निकला है। उन्होंने संकेत दिया कि नए युद्ध में अंडरसी केबल और एआई सुविधाओं जैसे महत्वपूर्ण डिजिटल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। ईरानी चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल अली अब्दोलाही ने भी कहा कि अमेरिका या इजरायल की किसी भी गलतफहमी का जवाब और भी गंभीर होगा।
तनाव कम करने के लिए रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव 19 अक्टूबर को तेहरान पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन और विदेश मंत्री अराघची से चर्चा की।
क्षेत्रीय हालात बिगड़ने के कारण मध्य पूर्व में अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए हैं। वहीं, होर्मुज जलडमरूमध्य में एक नौसैनिक माइन हमले के बाद तेल टैंकर में आग लगने की खबरें आई हैं। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के अली वैज ने चेतावनी दी है कि तेहरान अब व्यापक युद्ध के संकेत दे रहा है, जिसे वॉशिंगटन सीधे उकसावे के रूप में देख सकता है।
दूसरी तरफ सऊदी अरब को यमन में ईरान समर्थित हूती बलों से लगातार खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मिस्र ने सऊदी अरब को भरोसा दिलाया है कि अगर रियाद ने मदद मांगी तो वह सैन्य सहायता प्रदान करेगा।