QatarEnergy का बड़ा ऐलान, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से एलएनजी उत्पादन हुआ बहुत कम.

कतर के ऊर्जा मंत्री और QatarEnergy के सीईओ Saad al-Kaabi ने 20 सितंबर 2026 को न्यूयॉर्क में आयोजित कतर इकोनॉमिक फोरम में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने बताया कि सरकारी कंपनी इस समय बहुत ही कम मात्रा में लिक्विड नेचुरल गैस यानी एलएनजी का उत्पादन कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने की वजह से वैश्विक आपूर्ति पर बहुत असर पड़ा है और दुनिया भर में गैस की सप्लाई बाधित हुई है। मंत्री ने साफ किया कि इस रास्ते के दोबारा खुलने के कुछ हफ्तों के भीतर ही देश में गैस का सामान्य उत्पादन फिर से शुरू किया जा सकता है।
मार्च 2026 में ईरानी मिसाइल हमलों से हुआ था नुकसान
मौजूदा उत्पादन संकट की मुख्य वजह मार्च 2026 में हुए ईरानी मिसाइल हमले थे, जिनकी वजह से रास लाफन फैसिलिटी में कतर के 14 निर्यात ट्रेनों में से दो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। इस घटना के बाद कतर की कुल एलएनजी क्षमता का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा यानी हर साल 12.8 मिलियन टन उत्पादन पूरी तरह बंद हो गया था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इन खास प्लांटों की मरम्मत का काम पूरा होने में तीन से पांच साल का लंबा समय लग सकता है।
विस्तार परियोजनाओं में हो सकती है देरी
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से स्थिति और ज्यादा खराब हो गई है क्योंकि इसकी वजह से कतर एनर्जी की चल रही विस्तार परियोजनाओं के लिए जरूरी सामान और उपकरण समय पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। खासकर नॉर्थ फील्ड ईस्ट यानी NFE विस्तार, जिसके एलएनजी ट्रेनों को 2027 में शुरू होना था और नॉर्थ फील्ड साउथ यानी NFS विस्तार, जिसे 2028 में शुरू किया जाना था, दोनों के सामने अब भारी देरी का खतरा मंडरा रहा है। हालांकि इस इलाके से एलएनजी ले जाने की कोशिशें लगातार जारी हैं और 18 सितंबर 2026 तक कम से कम दो शिपमेंट इस जलडमरूमध्य से गुजरे हैं तथा ओमान के तट के पास कुछ शिप-टू-शिप ट्रांसफर भी किए गए हैं, फिर भी लॉजिस्टिक्स से जुड़ी मुश्किलें अभी भी बहुत गंभीर बनी हुई हैं।
पुराने अनुमानों और वर्तमान स्थिति में अंतर
इससे पहले जून 2026 के आंतरिक अनुमानों में यह बात सामने आई थी कि जलडमरूमध्य के फिर से खुलने के एक महीने के भीतर कतर अपनी 50 प्रतिशत क्षमता और दो महीने के भीतर 80 प्रतिशत क्षमता को बहाल कर सकता है। हालांकि ये सभी अनुमान क्षतिग्रस्त उत्पादन ट्रेनों की स्थिति पर निर्भर थे, जिनके बारे में यह बात पहले ही मान ली गई है कि उन्हें ठीक होने में कई साल लगेंगे। कतर में रहने वाले प्रवासियों और वहां काम करने वाले लोगों के लिए यह स्थिति ऊर्जा बाजार और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से काफी अहम है।