तेहरान में कई दौर की बातचीत के बाद दोहा लौटी कतर की मध्यस्थता टीम
कतरी मध्यस्थता टीम तेहरान से चर्चा कर दोहा लौट आई है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए राजनयिक बातचीत अब भी जारी है।

दोहा: कतर की मध्यस्थता टीम ईरानी राजधानी तेहरान में कई दौर की चर्चाएं करने के बाद वापस दोहा लौट आई है। कतर के विदेश मंत्रालय ने 3 नवंबर, 2026 को इस बात की आधिकारिक घोषणा की। हालांकि टीम वापस आ गई है, लेकिन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय तनाव को कम करने के लिए राजनयिक बातचीत और संचार के रास्ते अब भी खुले हैं।
कतर की अगुवाई में चल रही इस मध्यस्थता का मुख्य उद्देश्य तेहरान और वाशिंगटन के बीच की दूरी को कम करना है। इसके जरिए दोनों पक्षों के बीच प्रस्तावों का आदान-प्रदान किया जा रहा है ताकि वर्तमान संकट को सुलझाया जा सके। खबरों के मुताबिक, बातचीत के दौरान एक नए मसौदा समझौते (ड्राफ्ट एग्रीमेंट) पर विचार किया जा रहा है और वार्ताकार दोनों पक्षों के मतभेदों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरानी अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया है कि इन चर्चाओं का जारी रहना उनकी "स्पष्ट और तार्किक" मांगों को पूरा करने पर निर्भर करता है। साथ ही, उन्होंने अमेरिका की उन शर्तों को सिरे से खारिज कर दिया है जिन्हें वे अत्यधिक बता रहे हैं। तेहरान ने संकेत दिया है कि किसी भी अंतिम समझौते या स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोलने की शर्त इन मांगों का पूरा होना है।
यह तमाम राजनयिक कोशिशें ऐसे समय में हो रही हैं जब जमीनी स्तर पर तनाव काफी बढ़ा हुआ है। हाल ही में अमेरिकी सेना ने केशम द्वीप पर हमले किए हैं। वहीं, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि उन्होंने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के पूर्व में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है।
दोहा इस मामले में व्हाइट हाउस सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय हितधारकों के साथ लगातार तालमेल बिठा रहा है। कतर का मानना है कि क्षेत्रीय अस्थिरता को रोकने के लिए राजनीतिक और राजनयिक रास्ते ही सबसे जरूरी हैं। 3 नवंबर, 2026 तक इस मामले में कोई अंतिम समझौता नहीं हो पाया है।