दुबई में फंसे राजस्थान के 6 युवक, वापसी के लिए ₹80,000 की मांग

दुबई: राजस्थान के शेखावाटी इलाके के छह युवक इन दिनों दुबई में फंसे हुए हैं। उनका आरोप है कि भर्ती के नाम पर उन्हें ठगा गया और अब वापस भारत लौटने के लिए उनसे लगभग 3,000 दिरहम यानी करीब ₹80,000 मांगे जा रहे हैं। पीड़ितों के मुताबिक़ उनके साथ लगभग 26 और लोग भी इसी तरह के हालात में फंसे हो सकते हैं।
झुंझुनू और चूरू जिलों के ये युवक एक अक्टूबर से तीन अक्टूबर 2026 के बीच यूएई पहुंचे थे। उनका कहना है कि वहां पहुंचते ही स्थानीय एजेंटों ने उनके पासपोर्ट अपने कब्ज़े में ले लिए। इसके बाद उनसे सुबह 4 बजे से रात 8 से 9 बजे तक, यानी करीब 16 घंटे काम कराया जाने लगा। न तो तनख्वाह समय पर मिली और न ही ठीक से खाना दिया गया।
एजेंट पर ₹50,000 लेने का आरोप
झुंझुनू के दाबड़ी धीर सिंह निवासी मेहबूब अली टाइल मिस्त्री का काम करते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सुरेश कुमार नाम के एजेंट को एक एमबीएम कंपनी में नौकरी के लिए ₹50,000 दिए थे। दुबई पहुंचने पर उन्हें एक एबीसी सप्लाई कंपनी में भेज दिया गया, और वहीं उनका पासपोर्ट भी छीन लिया गया।
इसी एजेंट को पैसे देने वाले मोहम्मद शोहेब अली ने बताया कि उन्होंने भी ₹50,000 दिए थे, लेकिन जिस नौकरी के लिए पैसे लिए गए, वह असल में थी ही नहीं। जब उन्होंने एजेंट से सवाल किया तो जवाब मिला कि दुबई पहुंचने के बाद उसकी ज़िम्मेदारी खत्म हो गई।
चूरू के राजगढ़ निवासी आमिर खान ने बताया कि बीमार होने के बावजूद उन्हें छुट्टी नहीं दी गई। उनसे इतनी मेहनत वाला काम करवाया गया कि कई बार 50 मंज़िल तक चढ़ना पड़ा।
फंसे हुए युवकों ने दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास और विदेश मंत्रालय से गुहार लगाते हुए वीडियो संदेश जारी किए हैं। वे अपने पासपोर्ट वापस दिलाने और सुरक्षित घर लौटाने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि उन्हें कुछ भी होता है तो इसके लिए एज