दुबई में भारतीय रजत सभरवाल ने 2,930 किलो कागज को लैंडफिल में जाने से बचाया

दुबई निवासी भारतीय रजत सभरवाल पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक कल्याण के लिए कई मुहिम चला रहे हैं। जानें उनके प्रयासों के बारे में।

Aanya3 November 20261 min read0 viewsUAE
दुबई में भारतीय रजत सभरवाल ने 2,930 किलो कागज को लैंडफिल में जाने से बचाया

दुबई: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रह रहे भारतीय प्रवासी रजत सभरवाल इन दिनों अपनी सस्टेनेबिलिटी और सामुदायिक कल्याण की पहलों के कारण चर्चा में हैं। साल 2018 में यूएई आए रजत सभरवाल, जो पेशे से हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल और फूड एंड बेवरेज डायरेक्टर हैं, ने 2025 और 2026 के दौरान पर्यावरण और समाज के लिए कई महत्वपूर्ण अभियान चलाए हैं।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में काम करते हुए उन्होंने रिसाइक्लिंग के बड़े अभियान शुरू किए। फरवरी महीने में उनके द्वारा आयोजित एक कलेक्शन ड्राइव के जरिए 60 किलोग्राम कैन इकट्ठा किए गए। वहीं जुलाई में उन्होंने "रिसायकल, रिफॉरेस्ट, रिपीट" नाम से एक पेपर रिसाइक्लिंग प्रोग्राम चलाया, जिसके तहत 2,930 किलोग्राम कागज को लैंडफिल में जाने से बचाया गया।

इसके अलावा, उनके "वन रूट, वन कम्युनिटी-ट्री" प्रोजेक्ट के माध्यम से 300 किलोग्राम कांच और 2,500 कागज की शीट एकत्र की गईं। कचरा प्रबंधन के साथ-साथ रजत ने "जीरो फूड वेस्ट टू लैंडफिल्स" कैंपेन और "वन मिलियन मील्स फ्रॉम सरप्लस फूड" पहल में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। वे यूएई फूड बैंक के साथ साझेदारी कर खाद्य सुरक्षा लक्ष्यों को पूरा करने में मदद कर रहे हैं।

समाज सेवा के क्षेत्र में रजत का विशेष ध्यान 'पीपुल ऑफ डिटरमिनेशन' (दिव्यांगजनों) की मदद पर रहा है। उन्होंने स्पेशल नीड्स फ्यूचर डेवलपमेंट सेंटर में इफ्तार कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसके साथ ही वे हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के युवा प्रोफेशनल्स को मेंटरशिप भी दे रहे हैं।

रजत सभरवाल का मानना है कि प्रवासियों को अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों से आगे बढ़कर स्थानीय पर्यावरण और समाज में योगदान देना चाहिए। उनके ये प्रयास यूएई के राष्ट्रीय सस्टेनेबिलिटी और नेट-जीरो लक्ष्यों के अनुरूप हैं, जो भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी समुदायों के लिए एक उदाहरण पेश करते हैं।

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