एससीओ बैठक पूरी कर नई दिल्ली लौटे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उन्होंने भारत में सभ्यता संवाद फोरम आयोजित करने का किया ऐलान

दुशानबे (ताजिकिस्तान): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को ताजिकिस्तान की अपनी यात्रा पूरी कर नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। वह यहां शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सरकारी प्रमुखों की परिषद की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर उन्हें विदा करने के लिए ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री एमोमाली सोबिरजोडा मौजूद थे।
बैठक के दौरान राजनाथ सिंह ने भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान सदस्य देशों के बीच क्षेत्रीय सहयोग, आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा हुई। उन्होंने घोषणा की कि भारत इस साल के अंत तक पहले एससीओ सभ्यता संवाद फोरम की मेजबानी करेगा।
राजनाथ सिंह ने सभी सदस्य देशों को इस पहल में शामिल होने का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि इस फोरम का मकसद सांस्कृतिक संबंधों और आपसी समझ को मजबूत करना है। उन्होंने ताजिकिस्तान के साथ भारत की पुरानी दोस्ती और मध्य एशियाई देशों के साथ करीबी रिश्तों को भी अहम बताया।
आतंकवाद के मुद्दे पर बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि इससे निपटने के लिए सामूहिक और सख्त नजरिया अपनाने की जरूरत है। उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवाद मासूमों की जान लेने के साथ-साथ निवेश और व्यापार को भी नुकसान पहुंचाता है और युवाओं को उनके हक से वंचित करता है।
उन्होंने आतंकवाद के मामले में दोहरे मापदंडों को खत्म करने की मांग की। राजनाथ सिंह ने एससीओ सदस्य देशों से अपील की कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले नेटवर्क और सुरक्षित ठिकानों को पूरी तरह खत्म किया जाए। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को मिलकर नष्ट करना होगा।
अपनी यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री ने ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रोसुल्जोडा और ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ से भी मुलाकात की। मंगलवार को उन्होंने दुशानबे की बुखोरो स्ट्रीट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की थी।