एससीओ की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे पहुंचे

दुशांबे (ताजिकिस्तान): रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की 25वीं बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए ताजिकिस्तान पहुंचे हैं। यह बैठक 19 और 20 अक्टूबर को आयोजित की जा रही है। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उनका औपचारिक स्वागत किया गया।
ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री इमोमाली सोबिरजोडा और विदेश मंत्रालय के एशिया पैसिफिक डिवीजन के प्रमुख शेराली जोनन ने राजनाथ सिंह का स्वागत किया। दिल्ली से रवाना होते समय उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि वह ताजिकिस्तान में एससीओ की इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए उत्सुक हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस बैठक में संस्कृति, कनेक्टिविटी, अर्थव्यवस्था, इनोवेशन, निवेश और लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही संगठन के वित्तीय और संस्थागत कामकाज की प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। भारत स्टार्ट-अप, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसी पहलों के जरिए सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ा रहा है।
इससे पहले नवंबर 2025 में मॉस्को में हुई बैठक में भारत की ओर से विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हिस्सा लिया था। वहीं, 2027 में होने वाले एससीओ शिखर सम्मेलन की मेजबानी पाकिस्तान करेगा। पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने बताया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी सदस्य देशों को आमंत्रित करने के लिए बाध्य हैं।
एससीओ में बेलारूस, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान समेत दस सदस्य देश शामिल हैं। यह संगठन दुनिया के करीब 25 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और 15 प्रतिशत से अधिक विश्व व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है। इसमें अफगानिस्तान और मंगोलिया पर्यवेक्षक देश हैं, जबकि सऊदी अरब, यूएई, बहरीन और नेपाल जैसे 15 देश डायलॉग पार्टनर के रूप में जुड़े हैं।