रास अल खैमाह में ऑफ-प्लान प्रॉपर्टी खरीदारों की सुरक्षा के लिए नया कानून लागू, अब डेवलपर्स को देना होगा मुआवजा

अगर आप रास अल खैमाह में प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। शेख सऊद बिन साकर अल कासिमी ने 'कानून नंबर 10 ऑफ 2026' को मंजूरी दे दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य ऑफ-प्लान प्रॉपर्टी खरीदने वालों के हितों की रक्षा करना है। इस नए कानून के आने से अब रियल एस्टेट डेवलपर्स की मनमानी पर लगाम लगेगी और खरीदारों को उनके निवेश की पूरी सुरक्षा मिलेगी।
नए नियमों के मुताबिक, अगर तैयार प्रॉपर्टी का क्षेत्रफल सेल एग्रीमेंट में बताए गए एरिया से 5% से ज्यादा कम निकलता है, तो डेवलपर को खरीदार को मुआवजा देना होगा। साथ ही, अब खरीदारों के पास यह कानूनी अधिकार होगा कि वे अपने प्रोजेक्ट और यूनिट से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांग सकें। यह कदम उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो भविष्य में मिलने वाले घर के भरोसे अपनी मेहनत की कमाई निवेश करते हैं।
एस्क्रो अकाउंट और भुगतान के कड़े नियम
डेवलपर्स के लिए अब पैसों का लेन-देन पहले से कहीं ज्यादा पारदर्शी होगा। एस्क्रो अकाउंट से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं:
- अब डेवलपर्स अनुमानित लाभ का 5% हिस्सा तीन किस्तों में नहीं निकाल पाएंगे; यह प्रथा पूरी तरह खत्म कर दी गई है।
- एस्क्रो फंड का इस्तेमाल केवल निर्माण कार्य और नगर पालिका द्वारा अनुमोदित प्रोजेक्ट पूरा करने की लागत के लिए ही किया जा सकेगा।
- मार्केटिंग के नाम पर जमा राशि का 5% निकालने की छूट को भी हटा दिया गया है।
- डेवलपर्स को निर्माण लागत का कम से कम 20% हिस्सा अपनी पूंजी से लगाना होगा। जमीन खरीदने के लिए एस्क्रो फंड का उपयोग अब पूरी तरह प्रतिबंधित है।
पेमेंट डिफॉल्ट के मामले में भी नए नियम तय किए गए हैं। अगर निर्माण 60% या उससे अधिक पूरा हो चुका है, तो डेवलपर खरीद मूल्य का 40% तक रख सकता है। यदि निर्माण 60% से कम है, तो यह सीमा 25% होगी, और यदि काम शुरू ही नहीं हुआ है, तो केवल 20% रखा जा सकेगा। बाकी बची राशि छह महीने के भीतर खरीदार को लौटानी होगी। खास बात यह है कि ये नियम उन पुराने समझौतों पर भी लागू होंगे जिन्हें अभी तक कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है।
प्रशासनिक बदलावों की बात करें तो, अब पूरी निगरानी रास अल खैमाह नगर पालिका और उसके रियल एस्टेट रेगुलेटरी डिवीजन के पास होगी। इसके अलावा, रुके हुए और रद्द प्रोजेक्ट्स के लिए एक नई न्यायिक समिति बनाई गई है। वहीं, रेंटल विवादों के लिए एक अलग समिति होगी, जबकि प्रॉपर्टी बिक्री और हैंडओवर से जुड़े विवाद अब नियमित कोर्ट सिस्टम के जरिए सुलझाए जाएंगे।
गौरतलब है कि 2025 में रास अल खैमाह के आवासीय कारोबार में करीब 85% हिस्सा ऑफ-प्लान ट्रांजेक्शन का था, जिसमें लगभग 6,600 यूनिट्स बिकी थीं। ऐसे में यह नया कानून बाजार में पारदर्शिता लाने और निवेशकों के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।