Rashida Tlaib का ईरान संघर्ष पर कड़ा विरोध, अमेरिका की आर्थिक पाबंदियों और सैन्य कार्रवाई को बताया अवैध

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राजनीति में भी विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। 29 अगस्त 2026 को अमेरिकी कांग्रेस की सदस्य Rashida Tlaib ने राष्ट्रपति प्रशासन की ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य मुहिम की कड़ी आलोचना की। इस संघर्ष को शुरू हुए पूरे छह महीने हो चुके हैं जिसकी शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। सांसद ने इस सैन्य कार्रवाई को एक अवैध और अनैतिक युद्ध करार दिया है जिसमें हजारों बेकसूर लोगों की जान चली गई है। उन्होंने यह भी साफ किया कि आम अमेरिकी जनता इस आक्रामक युद्ध के समर्थन में बिल्कुल नहीं है और संसद को अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके इसमें अमेरिकी दखल को तुरंत रोकना चाहिए।
अन्य नेताओं की आलोचना और ईरान का रुख
युद्ध के छह महीने पूरे होने पर सीनेटर Chuck Schumer और Jack Reed समेत कई अन्य बड़े अमेरिकी नेताओं ने भी प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाए। इसके साथ ही 29 अगस्त 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय की तरफ से एक बयान जारी किया गया जिसमें अमेरिका की तरफ से लगाई जा रही पाबंदियों को आर्थिक आतंकवाद कहा गया। ईरान का कहना है कि यह कदम सीधे तौर पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन करते हैं। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप tlaib.house.gov पर जा सकते हैं।
ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट और यूएई बैंक पर नजर
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग इस समय Operation Economic Outcast नाम से एक अभियान चला रहा है। इसके तहत संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE के एक बैंक को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है ताकि उन वित्तीय रास्तों को बंद किया जा सके जिनका इस्तेमाल ईरान कथित तौर पर पाबंदियों से बचने, हथियार खरीदने और अपने समर्थक समूहों को पैसे भेजने के लिए कर रहा है। फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों में सुरक्षा का जायजा लेते हुए 27 अगस्त 2026 को यूएस सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल Brad Cooper ने बताया कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडममध्य में लगभग 1,500 जहाजों की मदद की है। लगातार जारी नाकाबंदी और पाबंदियों के बीच ईरानी राष्ट्रपति Pezeshkian ने 28 अगस्त 2026 को यह माना कि इन बाहरी दबावों की वजह से देश के अंदर आर्थिक संकट बहुत ज्यादा बढ़ गया है।
ईरान के भीतर विरोध प्रदर्शन और गिरफ्तारियां
दूसरी तरफ ईरान के भीतर भी हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ईरानी खुफिया मंत्रालय ने 28 अगस्त 2026 को यह ऐलान किया कि उन्होंने पहले हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़े 30 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने देश के भीतर संभावित आंतरिक अशांति को लेकर चेतावनी जारी की है। उनका यह भी आरोप है कि इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद देश के अंदर गुप्त नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रही है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कामगारों के लिए भी यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है क्योंकि क्षेत्रीय तनाव का असर सीधे तौर पर व्यापार और सुरक्षा पर पड़ रहा है।