रावलपिंडी में बिना सूचना घंटों बिजली कटौती से लोग परेशान, व्यापारियों को हुआ नुकसान
रावलपिंडी में बिना सूचना 6 से 8 घंटे बिजली कटौती हो रही है, जिससे आम जनता और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रावलपिंडी (पाकिस्तान): शहर के लोग इन दिनों बिजली की भारी कटौती से जूझ रहे हैं। यहां कई इलाकों में बिना किसी पूर्व सूचना के छह से आठ घंटे तक बिजली गुल रहती है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
इस्लामाबाद इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (IESCO) द्वारा की जा रही इस कटौती से लोग काफी नाराज हैं। ठंडे मौसम की शुरुआत के बावजूद लोड शेडिंग जारी है। आईईएससीओ का कहना है कि बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच अंतर को कम करने के लिए रोजाना दो घंटे का लोड मैनेजमेंट किया जा रहा है।
हालांकि, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली काटी जा रही है और इसकी कोई जानकारी पहले नहीं दी जाती। फैसल कॉलोनी के निवासी मोहम्मद अवैस ने बताया कि गुरुवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक बिजली नहीं थी और सोमवार को भी बिना किसी सूचना के शटडाउन कर दिया गया।
अवैस के मुताबिक, इस स्थिति से छात्रों, ऑफिस जाने वालों और घर संभालने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा दिक्कत हो रही है। उन्होंने मांग की है कि बिजली काटने से कम से कम एक दिन पहले उपभोक्ताओं को सूचित किया जाए। शाह खालिद कॉलोनी के मोहम्मद फरहान ने कहा कि उन्हें बिजली जाने की जानकारी तब मिलती है जब वे खुद विभाग से संपर्क करते हैं।
निवासियों ने महंगे बिजली बिलों पर भी नाराजगी जताई है। फरहान ने बताया कि कम खपत के बावजूद महीने का बिल 10 हजार रुपये से ज्यादा आ रहा है, जिससे घरेलू बजट बिगड़ गया है। मीडिया टाउन के सुहेल राजा ने कहा कि शाम और देर रात को अक्सर बिजली कट जाती है। शिकायत केंद्र से संपर्क करने पर उन्हें बताया गया कि पाकिस्तान इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (PEPCO) यह अनशेड्यूल्ड कटौती कर रही है।
धोके रट्टा के निवासी अब्दुर रहमान ने सरकार की आलोचना करते हुए चेतावनी दी कि इस बदहाली से जनता में गुस्सा बढ़ रहा है, जिसके राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं। वहीं, व्यापारियों ने बताया कि बिजली न होने से उन्हें वित्तीय नुकसान हो रहा है और दुकानों को रोशन रखने के लिए जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है।
इन शिकायतों पर जवाब देते हुए आईईएससीओ के प्रवक्ता राजा आसिम ने बताया कि अटक और झेलम के बीच ट्रांसफार्मर, फीडर और ट्रांसमिशन लाइनों सहित अन्य बुनियादी ढांचे का वार्षिक रखरखाव कार्य शुरू किया गया है।