रावलपिंडी में गहराया गैस संकट, रसोई में लौटीं लकड़ियां और कोयला

रावलपिंडी में गैस की भारी किल्लत से लोग परेशान हैं। LPG की बढ़ती कीमतों के कारण अब परिवारों ने लकड़ी और कोयले का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।

Gautam Sahu1 November 20262 min read0 viewsWorld
रावलपिंडी में गहराया गैस संकट, रसोई में लौटीं लकड़ियां और कोयला

रावलपिंडी: पाकिस्तान के रावलपिंडी में ऊर्जा संकट इतना गहरा गया है कि कम और मध्यम आय वाले परिवारों को आधुनिक खाना पकाने के तरीकों को छोड़ना पड़ा है। सर्दियों की आहट के बीच लोग अब मजबूरी में फिर से सूखी लकड़ियों, कोयले और मिट्टी के तेल का सहारा ले रहे हैं।

शहर में पाइप वाली गैस की भारी किल्लत है और इसकी सप्लाई अब दिन में केवल छह घंटे तक सीमित रह गई है। यह सप्लाई दो-दो घंटे के तीन अंतराल में दी जा रही है, जबकि रात 9 बजे से सुबह तक अक्सर गैस पूरी तरह गुल रहती है।

आर्थिक बोझ तब और बढ़ गया जब ऑयल एंड गैस रेगुलेटरी अथॉरिटी (OGRA) ने 1 नवंबर 2026 को एलपीजी (LPG) की कीमत 294.07 रुपये प्रति किलोग्राम तय की। इसके बाद 11.8 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 173.86 रुपये बढ़कर 3,470.09 रुपये तक पहुंच गई।

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सरकारी आंकड़ों के बावजूद बाजार में हालात अलग हैं। ओपन मार्केट में एलपीजी की कीमत 630 रुपये प्रति किलो और फ्रेंचाइजी आउटलेट्स पर 400 रुपये प्रति किलो तक जा पहुंची है। सुई गैस कंपनी ने नए घरेलू और व्यावसायिक कनेक्शनों पर अनिश्चितकाल के लिए रोक लगा दी है, जिससे होटल, तंदूर और बेकरी जैसे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।

विकल्पों की मांग बढ़ने से ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। सूखी लकड़ियां 1,500 से 1,800 रुपये प्रति मन, साधारण लकड़ियां 1,300 से 1,400 रुपये और कोयला 800 से 1,000 रुपये प्रति मन तक बिक रहा है। इस स्थिति के बीच सार्वजनिक और निजी जंगलों से लकड़ियों की चोरी की खबरें भी सामने आई हैं।

संघीय पेट्रोलियम मंत्री अली परवेज मलिक ने इस संकट के लिए मिडिल ईस्ट के क्षेत्रीय संघर्षों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने बताया कि ईरान सीमा बंद होने की वजह से सप्लाई बाधित हुई है, जबकि पाकिस्तान अपनी एलपीजी आयात का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा वहीं से लेता था।

मंत्री मलिक ने कहा कि सरकार ऊर्जा जरूरतों का प्रबंधन कर रही है और उम्मीद है कि कतर से स्थिर आपूर्ति मिलेगी। हालांकि, संबंधित पक्षों में इस बात को लेकर असंतोष है। पाकिस्तान एलपीजी मार्केटर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अली हैदर ने सरकारी नीतियों के विरोध में 16 नवंबर से हड़ताल की चेतावनी दी है। वहीं, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन ऑफ पाकिस्तान के चेयरमैन इरफान खोखर उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर पड़ने वाले असर की निगरानी कर रहे हैं।

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