रावलपिंडी: दूषित पानी दे रहे हैं सरकारी फिल्ट्रेशन प्लांट, लोगों की सेहत पर मंडराया खतरा

पाकिस्तान के रावलपिंडी शहर में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए लगाए गए वाटर फिल्ट्रेशन प्लांट अब लोगों के लिए मुसीबत बन गए हैं। शहर के कई इलाकों में ये प्लांट साफ पानी की जगह मिट्टी मिला हुआ और दूषित पानी सप्लाई कर रहे हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
शहर के यूनियन काउंसिल 46, नया मोहल्ला, सादिकबाद, ढोके इलाही बख्श और ढोके हसू जैसे इलाकों के लोग इस समस्या से बेहद परेशान हैं। निवासियों का आरोप है कि इन प्लांटों से आने वाले पानी में साफ तौर पर मिट्टी दिखाई देती है, जो पीने के लायक बिल्कुल नहीं है। इफ्तिखारुद्दीन, फैयाज शाह, फरहान हामिद और फैयाज जैसे स्थानीय लोगों का दावा है कि उन्होंने इस पानी की लैब जांच भी कराई है, जिसमें इसे सेहत के लिए बेहद हानिकारक पाया गया है।
फंड की कमी और गिरता जलस्तर बना बड़ी वजह
इस संकट के पीछे की वजहों पर नजर डालें तो प्लांट ऑपरेटरों का कहना है कि फंड की भारी कमी के कारण समय पर फिल्टर्स नहीं बदले गए, जिससे मशीनें ठीक से काम नहीं कर पा रही हैं। इसके साथ ही, जमीन के नीचे पानी का स्तर गिरने से समस्या और गंभीर हो गई है। बताया गया है कि साल 2000 के बाद से ग्राउंडवाटर लेवल में करीब 200 फीट की भारी गिरावट आई है।
नगर निगम, वासा (WASA) और जिला परिषद द्वारा साल 2000 से पहले लगाए गए पुराने ट्यूबवेल अब मिट्टी मिला हुआ पानी खींच रहे हैं। चूंकि फिल्ट्रेशन प्लांट इन्हीं पुराने ट्यूबवेलों से जुड़े हैं, इसलिए पानी की गुणवत्ता गिर गई है। स्थानीय लोगों ने पाक अब अथॉरिटी (Pak Ab Authority) में कई बार शिकायतें दर्ज कराई हैं, लेकिन उनका कहना है कि प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है और वे अब भी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।