रॉयटर्स की रिपोर्ट में खुलासा ईरान 2025 से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर गुप्त सैन्य नेटवर्क चला रहा है
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान 2025 से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी के लिए गुप्त नेटवर्क चला रहा है।

लंदन: रॉयटर्स की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि ईरान अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर एक गुप्त सैन्य नेटवर्क चला रहा है। यह नेटवर्क जनवरी 2025 से सक्रिय है और इसका मुख्य काम अवैध तरीके से सैन्य उपकरण, विस्फोटक और ट्रक मंगवाना है। सऊदी न्यूज आउटलेट @SaudiNews50 ने भी इस जानकारी को साझा किया है।
यूरोपीय अधिकारी ईरान द्वारा शैडो नेटवर्क, आपराधिक संगठनों और भाड़े के सैनिकों के जरिए अपने ऑपरेशनों के विस्तार को लेकर चिंतित हैं। ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी MI5 के महानिदेशक केन मैकलम ने बताया कि जनवरी से अब तक ईरान से जुड़े शत्रुतापूर्ण ऑपरेशनों के मामले में 50 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं।
सुरक्षा अधिकारी ब्रिटेन के फेयरफोर्ड एयर बेस पर 27 सितंबर को हुई एक घटना की जांच कर रहे हैं। आरोप है कि वहां छोटे विस्फोटकों से लैस ड्रोन के जरिए अमेरिकी सैन्य विमानों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी।
तनाव के बीच अमेरिका ने तेहरान को बातचीत फिर से शुरू करने के लिए संदेश भेजे हैं। हालांकि, अमेरिकी और क्षेत्रीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर कूटनीति विफल रही, तो एक हफ्ते तक चलने वाला व्यापक हवाई अभियान चलाया जा सकता है।
ईरानी लॉजिस्टिक्स के पैटर्न की जांच में यह भी सामने आया है कि 26 अक्टूबर 2026 को शबवा में हथियारों और विस्फोटकों की एक बड़ी समुद्री तस्करी पकड़ी गई। यह खेप हूती बलों के लिए भेजी जा रही थी और इसे छिपाने के लिए फ्रंट कंपनियों और नागरिक व्यापार की आड़ ली गई थी।
रिसर्च के मुताबिक 2024 और 2025 के दौरान हूतियों के लिए पकड़े गए सामानों में 80 प्रतिशत से ज्यादा हथियार बनाने की सामग्री थी। इनमें से 21 प्रतिशत सामग्री की उत्पत्ति ईरान से होने की पुष्टि हुई है।