Riyadh Air Raid Alert: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में पहला एयर-रेड अलर्ट जारी, मची अफरातफरी.

Nura Basta19 September 20264 min read55 viewsSaudi
Riyadh Air Raid Alert: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में पहला एयर-रेड अलर्ट जारी, मची अफरातफरी.

सऊदी अरब की राजधानी रियाद के रहने वाले लोगों के लिए शनिवार का दिन बेहद तनावपूर्ण रहा क्योंकि सुबह-सुबह तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और पूरे शहर में एयर-रेड अलर्ट जारी कर दिया गया। यह पहला मौका है जब सऊदी अरब की सत्ता के केंद्र पर हालिया हूती संघर्ष का सीधा असर देखा गया है। स्थानीय समयानुसार सुबह 3 बजे के बाद ओलाया जिले में दो अलग-अलग जोरदार धमाकों की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद सिविल डिफेंस के मोबाइल ऐप और अलर्ट सिस्टम के जरिए लोगों को एक शत्रुतापूर्ण हवाई खतरे की चेतावनी दी गई। इस घटना के ठीक तीस मिनट बाद ऑल-क्लियर का संदेश जारी किया गया और राहत की बात यह रही कि राजधानी के अंदर किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है।

हिंसा का दायरा और क्षेत्रीय तनाव

यह घटना ईरान समर्थित हूती बलों और सऊदी अरब के बीच पिछले कई हफ्तों से लगातार बढ़ रहे मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद सामने आई है। हूती बलों ने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब चोकपॉइंट पर कब्जा कर लिया है, जिसके बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इससे पहले सऊदी अरब ने हॉर्मूज जलडमरूमध्य में ईरानी हरकतों की वजह से अपने तेल शिपमेंट के रास्ते बदल दिए थे, लेकिन अब संघर्ष सीधे तौर पर देश की राजधानी तक पहुंच गया है। रॉयटर्स और एएफपी के पत्रकारों ने रियाद में हुए इन धमाकों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि की है। इसके अलावा अल-खार्ज, जेद्दा, ताइफ, खामिस मुशायत, यानबु और मक्का के आसपास के इलाकों के लिए भी सुरक्षा अलर्ट जारी किए गए थे।

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गुरुवार को ताइफ में हवा में ही रोके गए एक हूती ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से एक यमनी नागरिक की मौत हो गई थी, जबकि एक सऊदी महिला और एक पाकिस्तानी नागरिक घायल हो गए थे। सऊदी अधिकारियों ने दावा किया कि उन्होंने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को मार गिराया है, हालांकि हूती विद्रोहियों ने पवित्र शहर को निशाना बनाने से साफ इनकार किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने दावा किया कि उनके बलों ने सना में सऊदी अरब के आपराधिक प्रयासों को नाकाम कर दिया और इसके बदले में जवाबी कार्रवाई करने की बात कही। हालांकि सऊदी अरब ने हाल ही में हुए हमलों का कोई सटीक आंकड़ा साझा नहीं किया है, लेकिन सरकार समर्थित यमनी बलों ने ताएज में दर्जनों हूती लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है। इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन यानी आईओएम के अनुमान के मुताबिक मौजूदा लड़ाई की वजह से 100,000 से ज्यादा यमनी नागरिक अपने घरों को छोड़ने पर मजबूर हो चुके हैं।

अंतर्राष्ट्रीय जहाजों पर हमले और कूटनीतिक गतिविधियां

क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। ईरान ने हॉर्मूज जलडमरूमध्य में टोगो के झंडे वाले टैंकर 'ट्रेंड' पर हमला करने का दावा किया है, जबकि यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी यूकेएमटीओ ने ओमान के खासब के पास एक टैंकर पर अलग से प्रोजेक्टाइल हमले की सूचना दी है। हालात को देखते हुए इटली ने बाब अल-मंदेब क्षेत्र में अपने युद्धपोत तैनात करने शुरू कर दिए हैं। हॉर्मूज जलडमरूमध्य में एक अस्थायी कॉरिडोर बनाने के प्रयास सऊदी अरब के अनुरोध पर देरी और बहरीन द्वारा तेहरान के साथ बातचीत करने से इनकार करने के कारण रुक गए हैं। खाड़ी सहयोग परिषद यानी जीसीसी के सदस्यों के बीच कूटनीतिक रुख अलग-अलग हैं, जहां ओमान एक मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, यूएई तेहरान के संपर्क में है और कतर ने ईरानी अधिकारियों की मेजबानी की है, वहीं बहरीन ने अब तक किसी भी तरह की सीधी बातचीत से साफ इनकार किया है।

गठबंधन में बदलाव और वैश्विक बाजारों पर असर

सऊदी अरब ने हूती हमलों से निपटने के लिए अमेरिका से मदद मांगी है, हालांकि वाशिंगटन ने अपनी भागीदारी को ईरान पर केवल आर्थिक दबाव तक ही सीमित रखने का संकेत दिया है। इसके अलावा मक्का आधारित एक नए रक्षा समझौते में पाकिस्तान और तुर्की को भी शामिल किया गया है, जिसकी प्रभावशीलता अभी परखी जानी बाकी है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन के भीतर अंदरूनी कलह भी देखने को मिली है, खासकर दक्षिणी अलगाववादियों को लेकर हुए संघर्ष के बाद यमन से अमीराती सैनिकों की वापसी के बाद स्थितियां और जटिल हुई हैं। लाल सागर तट पर सैनिकों के हटने से बने सत्ता के इस खालीपन को तेहरान के लिए एक रणनीतिक फायदे के रूप में देखा जा रहा है। इन दो प्रमुख जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंकाओं से तेल बाजारों में खलबली मच गई है, हालांकि ओमान के तट के पास शिप-टू-शिप ट्रांसफर के जरिए एशियाई रिफाइनरों को थोड़ी राहत जरूर मिल रही है। यह लगातार जारी अस्थिरता वैश्विक ऊर्जा बाजारों और सऊदी विजन 2030 के लक्ष्यों को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है। इस पूरी रिपोर्ट को रॉयटर्स, एएफपी, अरब न्यूज, अल जज़ीरा, आईएसडब्ल्यू और आधिकारिक सिविल डिफेंस चेतावनियों के आधार पर संकलित किया गया है।

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