रियाद एयरपोर्ट पर हमला: 12 की मौत, मिस्र की फ्लाइट अटेंडेंट भी शामिल

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 10 अक्टूबर 2026 को हुए हमले में 12 लोगों की जान चली गई। मरने वालों में एक 28 साल की मिस्र की फ्लाइट अटेंडेंट आज़ा रमज़ी मोहम्मद हसन भी हैं, जिनका नाम मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया है। इस हमले में 309 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
हमला मुख्य रूप से टर्मिनल 3 और टर्मिनल 4 को निशाना बनाकर किया गया। सऊदी अरब के जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने मृतकों की पुष्टि की है। मरने वालों में चार सऊदी नागरिक और आठ विदेशी नागरिक शामिल हैं। विदेशी मृतकों में दो बांग्लादेश के नागरिक हैं, जबकि अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के एक-एक नागरिक की मौत हुई है।
हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया, ताकि नुकसान का आकलन किया जा सके और सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू हों। इसका असर सीधे यात्रियों पर पड़ा। कई उड़ानों का रास्ता बदला गया और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने सेवाएं रद्द कीं। भारत की अकासा एयर ने अपनी उड़ानें 13 अक्टूबर तक निलंबित करने का फैसला किया है।
सऊदी गठबंधन का सख्त रुख
यमन में वैध सरकार के समर्थन में काम कर रहे सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले को "युद्ध अपराध" करार दिया है। गठबंधन ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया है। गठबंधन ने इस हमले के लिए ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है।
यह हमला 10 अक्टूबर को हुई इस घटना से पहले भी हुए हमलों की कड़ी में है। 6, 7 और 8 अक्टूबर को हुए हमलों में भी जानें गईं। इन्हीं हमलों में पायलट कैप्टन हमूद अली अल-काल्थामी की मौत हुई थी।
इस घटना की दुनिया भर में निंदा हो रही है। अफ्रीकी संघ आयोग और भारत के विदेश मंत्रालय ने नागरिक ढांचे को लगातार निशाना बनाए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा सहित कई देशों ने अपने नागरिकों को फिलहाल इस एयरपोर्ट से दूर रहने की सलाह दी है। क्षेत्र में सैन्य तनाव बढ़ने के बीच आने वाले दिनों में हालात पर सबकी नजर रहेगी।