रियाद एयरपोर्ट हमला: अल-अज़हर की कड़ी निंदा, किंग खालिद एयरपोर्ट बंद

रियाद (सऊदी अरब): इस्लामी दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित संस्था अल-अज़हर ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है। 12 अक्टूबर 2026 को जारी बयान में अल-अज़हर ने इन हमलों को आम नागरिकों और उमराह के लिए आए तीर्थयात्रियों पर सीधा हमला बताया, जिसे उसने मुसलमानों के लिए बड़ी उकसावे वाली कार्रवाई और मानवीय मूल्यों का खुला उल्लंघन करार दिया।
अल-अज़हर के ग्रैंड इमाम अहमद अल-तैयब ने इस घटना पर शोक जताया और इसमें जान गंवाने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने सऊदी शाह सलमान बिन अब्दुलअज़ीज़, क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और सऊदी जनता के साथ एकजुटता दोहराई। संस्था ने इन हमलों को सऊदी अरब की संप्रभुता के लिए भी खतरा बताया।
रियाद शहर से लगभग 35 किलोमीटर उत्तर में स्थित इस एयरपोर्ट पर पहला हमला शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हुआ। इसके अगले ही दिन, रविवार 11 अक्टूबर को, एक और हमला हुआ। पहले हमले में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई और 309 लोग घायल हुए। मृतकों और घायलों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी, एक भारतीय और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के एक-एक नागरिक शामिल थे। अगले दिन के हमले में एक पाकिस्तानी निवासी की मौत हो गई और 11 और लोग घायल हुए। इसके अलावा चार फिलीपीनी नागरिक भी जख्मी हुए, जिनमें से तीन 12 अक्टूबर तक गहन चिकित्सा में थे।
सऊदी गठबंधन का जवाब और यमन में हवाई हमले
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इन हमलों का जिम्मेदार यमन के हूती लड़ाकों को ठहराया है। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने इस हमले को खुला युद्ध अपराध बताया। इसके जवाब में सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों पर हवाई हमले किए। दूसरी ओर, इन घटनाओं के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।
हमलों के बाद अमेरिकी दूतावास ने 11 अक्टूबर को सुरक्षा चेतावनी जारी की। इसके तहत अमेरिकी सरकारी कर्मचारियों को रियाद, जेद्दा और दम्माम के एयरपोर्टों से यात्रा करने के लिए विशेष अनुमति लेनी होगी। किंग खालिद एयरपोर्ट फिलहाल बंद है, और सऊदी अधिकारियों ने परिचालन रोकने की अवधि बढ़ा दी है। यात्रियों और एयरलाइनों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, भारत और कई खाड़ी देशों ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है। अब सबकी नजर इस पर है कि क्षेत्र में तनाव कितना बढ़ता है और एयरपोर्ट कब त