रियाद एयरपोर्ट हमला: मार्क कार्नी ने की कड़ी निंदा

रियाद, सऊदी अरब: राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर 2026 को हुए बैलिस्टिक मिसाइल हमले के बाद दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस हमले को "अत्यंत घृणित" बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। इस हमले का ज़िम्मेदार हूती लड़ाकों को ठहराया जा रहा है, और इसमें अब तक 12 लोगों की मौत और 300 से ज़्यादा लोगों के घायल होने की खबर है।
कार्नी ने साफ कहा कि नागरिक ढांचे पर हमले या बेगुनाह लोगों को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं हो सकता। उनके मुताबिक़ कनाडा ऐसे लापरवाह हिंसक कृत्यों की हर संभव शब्दों में निंदा करता है। मार्क कार्नी मार्च 2025 में प्रधानमंत्री बने थे।
मृतकों में अमेरिकी नागरिक भी शामिल
इस हमले को सऊदी अरब में 2015 की एक मस्जिद बम धमाके के बाद का सबसे घातक हमला माना जा रहा है। मृतकों में एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है, जिसकी पुष्टि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने की है। रुबियो ने इस घटना को नागरिक जीवन की खुली अनदेखी बताया। सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन ने इस हमले को युद्ध अपराध करार दिया है। वहीं हूती आंदोलन का कहना है कि यह कार्रवाई यमन के शहरों की लगातार घेराबंदी और बमबारी का जवाब है।
अमेरिकी दूतावास ने 10 अक्टूबर को सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए अमेरिकी नागरिकों से एयरपोर्ट और आसपास के इलाकों से दूर रहने को कहा है। साथ ही, सरकारी कर्मचारियों को इस सुविधा का इस्तेमाल करने से पहले विशेष अनुमति लेनी होगी।
हमले के बाद एयरपोर्ट पर सभी गतिविधियां पूरी तरह रोक दी गई हैं। क़तर ने इसे सऊदी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है, जबकि पाकिस्तान ने सऊदी सुरक्षा के लिए अपना समर्थन दोहराया है। इस घटना से पहले अबहा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए हमले में तीन लोगों की मौत और 36 के घायल होने की बात भी सामने आई थी, जिसे इस ताज़ा हमले की कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बात पर विचार कर रहे हैं कि विद्रोही समूह के खिलाफ जवाबी हमलों में अमेरिका की भागीदारी हो या नहीं। आने वाले दिनों में इस पर क्या फ़ैसला होता है, इस पर पूरे क्षेत्र की नज़र है।