रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमले में हैदराबाद के आईटी इंजीनियर की मौत

रियाद (सऊदी अरब): हैदराबाद के 46 वर्षीय आईटी पेशेवर मोहम्मद यूसुफ अली की 11 अक्टूबर को मौत हो गई। 10 अक्टूबर को रियाद एयरपोर्ट पर हुए हूती मिसाइल हमले में घायल होने के बाद उन्होंने दम तोड़ा। उनके परिवार के कई सदस्य भी इस हमले में घायल हुए।
अली मेहदीपटनम के रहने वाले थे और दस साल से रियाद में काम कर रहे थे। वे उमराह के लिए परिवार के साथ यात्रा पर थे, तभी किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर प्रोजेक्टाइल गिरा। उन्हें दोनों पैरों के कटने जैसी गंभीर चोटें आई थीं, और बताया गया है कि इसके बाद उन्हें दिल का दौरा भी पड़ा।
परिवार के सदस्य मदीना की फ्लाइट का इंतज़ार कर रहे थे, तभी धमाके की चपेट में आ गए। अली के 18 वर्षीय बेटे आमान की घुटने की सर्जरी हुई है और वे अभी निगरानी में हैं। 16 वर्षीय बेटे वासी के पैर में गंभीर चोट आई और कुछ उंगलियां काटनी पड़ीं।
11 वर्षीय बेटी मरियम की कांच के टुकड़ों से लगे घावों के कारण सर्जरी करनी पड़ी। पत्नी समीरा भी घायल हुई हैं। उनकी रिश्तेदार अतिया सुल्ताना के सिर की सर्जरी हुई है और वे खतरे से बाहर बताई जा रही हैं।
रियाद में अली के अंतिम संस्कार में भारतीय राजदूत विपुल शामिल हुए। हैदराबाद में उनकी याद में गायबाना नमाज़ पढ़ी गई।
विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के 14 अक्टूबर तक के अपडेट के मुताबिक, हमले में कुल करीब 300 लोग प्रभावित हुए, जिनमें सऊदी, बांग्लादेशी और अमेरिकी नागरिकों समेत 13 लोगों की मौत हुई है। शुरुआत में 11 से 12 भारतीय नागरिक घायल बताए गए थे। इनमें से तीन को अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जबकि आठ अब भी भर्ती हैं और चार का इलाज आईसीयू में चल रहा है।
भारत सरकार ने नागरिक ढांचे पर हुए इन हमलों को अस्वीकार्य बताया है। सऊदी अरब में सुरक्षा हालात और बाद में अरामको ठिकानों पर हुए हमलों को देखते हुए एयर इंडिया, इंडिगो, एयर इंडिया एक्सप्रेस और अकासा ने 17 अक्टूबर तक सऊदी अरब की उड़ानें स्थगित कर दी हैं।
भारतीय दूतावास ने नागरिकों से घर के अंदर रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह जारी की है। खाड़ी क्षेत्र में पहले से जारी तनाव के बीच वहां छह भारतीयों की मौत और एक व्यक्ति के लापता होने की खबर है। फरवरी के आखिर से अब तक तीन लाख से ज़्यादा भारतीय खाड़ी देशों से वापस लौट चुके हैं।