रियाद एयरपोर्ट हमला: भारत ने की निंदा, तत्काल हमले रोकने की मांग

रियाद (सऊदी अरब): सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए घातक हमले ने भारत की चिंता बढ़ा दी है। शनिवार दोपहर हुए इस रियाद एयरपोर्ट हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। इसके बाद भारत ने इसे "अस्वीकार्य" बताते हुए कड़ी निंदा की है और सऊदी अरब की संप्रभुता के समर्थन में खुलकर खड़े होने का संदेश दिया है।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने रविवार को जारी बयान में कहा कि हाल के कुछ दिनों में रियाद के इसी हवाई अड्डे पर बार-बार हमले हुए हैं, जिनमें 10 अक्टूबर का हमला भी शामिल है। मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में जान-माल का नुकसान हुआ है। भारत ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
भारत ने आम नागरिकों और नागरिक ढांचे को निशाना बनाने को पूरी तरह अनुचित बताया। मंत्रालय ने साफ़ कहा कि ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। भारत ने यह भी उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और सामान्य हालात लौटें।
मृतकों और घायलों का ब्योरा
सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ़ सिविल एविएशन के आंकड़ों के मुताबिक, मरने वालों में चार सऊदी नागरिक थे, जबकि आठ विदेशी निवासी भी इसमें शामिल हैं। विदेशी मृतकों में दो बांग्लादेश से, और एक-एक अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फ़िलिस्तीन और सूडान से थे। अस्पतालों में 309 घायलों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
शुरुआती आपात स्थिति के बाद हवाई अड्डे पर संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारी ढांचे को हुए नुकसान और सुरक्षा का आकलन कर रहे हैं।
इसी बीच यमन के हूती समूह ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि वह रियाद के साथ ऐसे आपसी उपायों के लिए तैयार है, जिनसे हवाई अड्डों, बंदरगाहों और मानवीय ठिकानों को सैन्य टकराव से दूर रखा जा सके। यह बयान उस समय आया है जब हूती-संचालित अल-मसीरा टीवी ने दावा किया कि सऊदी सेना ने यमन में समूह के नियंत्रण वाले इलाकों पर नए सिरे से हवाई और मिसाइल हमले शुरू किए हैं। इन हमलों में राजधानी साना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के साथ बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास और उत्तरी प्रांतों के कई इलाके भी बताए गए हैं।