रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय की मौत, शव लाने में जुटा दूतावास

Lov Singh11 October 20262 min read0 views
रियाद एयरपोर्ट हमले में भारतीय की मौत, शव लाने में जुटा दूतावास

रियाद (सऊदी अरब), 11 अक्टूबर: सऊदी राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए हूती हमले में घायल एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। इस हमले में कुल 12 लोगों की जान गई थी और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। रियाद एयरपोर्ट हमले की इस दुखद खबर के बाद भारतीय दूतावास सक्रिय हो गया है और मृतक के परिवार के संपर्क में है।

भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए मृतक के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई। दूतावास ने लिखा कि वह परिवार के साथ लगातार संपर्क में है और पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए हर ज़रूरी मदद दी जाएगी। इसका मतलब है कि अब ध्यान इस बात पर है कि कागज़ी प्रक्रिया और सऊदी अधिकारियों से तालमेल जल्द पूरा हो, ताकि परिवार को अंतिम विदाई का मौका मिल सके।

इससे पहले दूतावास ने बताया था कि हमले में 11 भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं। दूतावास के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के संपर्क में थे और उन्होंने उन अस्पतालों से भी बात की जहाँ घायल भारतीय इलाज करा रहे हैं। उनकी सेहत को लेकर लगातार पूछताछ होती रही।

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सरकार का रुख और मृतकों की स्थिति

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने दूतावास की जानकारी पर एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि “दूतावास इस कठिन समय में ज़रूरी हर कदम उठा रहा है।” उन्होंने यह भी कहा कि वे दूतावास के आगे के अपडेट पर नज़र रखेंगे।

विदेश मंत्रालय ने रविवार को जारी बयान में हमले की कड़ी निंदा की। मंत्रालय ने कहा कि नागरिक इलाकों और अहम ढांचों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए।

मंत्रालय ने सऊदी अरब की संप्रभुता की रक्षा में उसके लोगों और सरकार के साथ एकजुटता दोहराई और उम्मीद जताई कि क्षेत्र में जल्द शांति और सामान्य स्थिति लौटेगी।

सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन के आंकड़ों के अनुसार शनिवार दोपहर हुए इस हमले में जान गंवाने वाले 12 लोगों में चार सऊदी नागरिक थे। बाकी आठ विदेशी निवासी थे, जिनमें दो बांग्लादेश से, और एक-एक अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन और सीरिया से था। इन आंकड़ों से साफ है कि हमले की चपेट में आए लोग कई देशों से थे, और एयरपोर्ट जैसी जगह पर आम यात्री और कर्मचारी सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए।

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