रियाद एयरपोर्ट हमला: फ़िलिस्तीन ने तलाल अल दानी की मौत की पुष्टि की

रियाद, सऊदी अरब। रियाद एयरपोर्ट हमले में मारे गए लोगों में गाज़ा के रहने वाले तलाल अल दानी का नाम भी शामिल हो गया है। फ़िलिस्तीन के विदेश मंत्रालय ने उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है। मंत्रालय ने इस हमले को सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा बताते हुए कड़ी निंदा भी की है।
सऊदी अरब की नागरिक उड्डयन प्राधिकरण GACA के मुताबिक, शनिवार 10 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में भारी नुकसान हुआ। प्राधिकरण ने मरने वालों की संख्या 12 से 14 के बीच बताई है, जबकि 309 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में सऊदी अरब, बांग्लादेश, फ़िलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, सूडान और भारत के नागरिक शामिल हैं। भारतीय नागरिक ने शुरुआती हमले के बाद दम तोड़ दिया।
हमले के बाद हालात और सुरक्षा के इंतज़ाम
घायलों का इलाज जारी है और उनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हिंसा के पीछे ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हाथ बताया है। वहीं हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सरी ने चेतावनी दी है कि सऊदी के हवाई अड्डे अब भी निशाने पर हैं, हालाँकि मक्का और मदीना को इससे बाहर रखा गया है। उन्होंने सऊदी ऊर्जा ढांचे पर हमलों की ज़िम्मेदारी भी ली है।
हमले के अगले दिन, रविवार 11 अक्टूबर को, एयरपोर्ट के टर्मिनल 4 को निशाना बनाया गया, जिससे और लोग घायल हुए और आग लग गई। सऊदी की हवाई सुरक्षा ने इसी दिन एक क्रूज़ मिसाइल को एयरपोर्ट के पास रोका और पूर्वी प्रांत में एक ड्रोन को नष्ट किया। स्थिति को देखते हुए एयरपोर्ट शनिवार से बंद है और उड़ानों का रास्ता बदला जा रहा है। रियाद के शैक्षणिक संस्थानों ने एहतियात के तौर पर ऑनलाइन पढ़ाई शुरू कर दी है।
फ़िलिस्तीनी राजनयिक अधिकारी तलाल अल दानी के शव को वापस लाने और परिवार को हर संभव मदद देने के लिए सऊदी अधिकारियों के साथ तालमेल कर रहे हैं। इस हमले की दुनिया भर में निंदा हो रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, संयुक्त राष्ट्र महासचिव और भारत के अधिकारियों ने हूती नेतृत्व वाले हमलों की खुलकर आलोचना की है।