रियाद एयरपोर्ट हमला: ट्रंप ने हूती विद्रोहियों पर सैन्य कार्रवाई का संकेत दिया

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एयरपोर्ट पर हुए मिसाइल हमले ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है। इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई। इसी घटना पर पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने हमले को भयानक घटना बताते हुए यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ जवाबी हमलों में अमेरिका के शामिल होने की संभावना पर विचार का संकेत दिया।
उस समय क्षेत्र में संघर्ष तेज़ी से फैल रहा था। अमेरिका पर सऊदी अरब समेत कई क्षेत्रीय सहयोगियों का दबाव था कि वह सैन्य समर्थन दे। हमले के बाद यह सवाल उठने लगा कि क्या वॉशिंगटन सीधे तौर पर इस टकराव में उतरेगा या कूटनीतिक रास्ता चुना जाएगा।
सऊदी गठबंधन और हूती संघर्ष का पुराना सिलसिला
यमन में हूती बलों और सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन के बीच संघर्ष लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति का अस्थिर हिस्सा रहा है। अमेरिका की भूमिका इस दौरान कभी सीधी सैन्य मदद तक सीमित रही, तो कभी कूटनीतिक प्रयासों तक। यही वजह है कि रियाद एयरपोर्ट पर हुए हमले को सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि लंबे टकराव की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
इस घटना के बाद भी हालात पर नज़र बनी रही। अमेरिकी नीति में बदलाव और राजनयिक कोशिशें आगे भी जारी रहीं। मौजूदा जानकारी के आधार पर इतना साफ है कि रियाद हमले ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा पर सवाल खड़े किए और इसका असर आने वाले समय में भी क्षेत्रीय समीकरणों पर दिखता रहेगा।