रियाद एयरपोर्ट हमले पर सोनी की अपील: निर्दोषों को क्रॉसफायर से बचाएं, बातचीत हो

Gautam Sahu12 October 20262 min read0 viewsSaudi
रियाद एयरपोर्ट हमले पर सोनी की अपील: निर्दोषों को क्रॉसफायर से बचाएं, बातचीत हो

नई दिल्ली: रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 10 अक्टूबर को हुए हमले ने पूरे इलाके की चिंता बढ़ा दी है। इस हमले में कई लोग घायल हुए और एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। इसी बीच पूर्व राजनयिक विद्या भूषण सोनी ने पश्चिम एशिया के चल रहे संघर्ष में शामिल पक्षों से बातचीत की मेज पर लौटने की अपील की है। उनका कहना है कि इस तनाव की कीमत वे लोग चुका रहे हैं जिनका इस टकराव से कोई लेना-देना नहीं।

भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि हमले में घायल हुए एक भारतीय नागरिक की भी मौत हो गई है, जिसके बाद इस हमले में मरने वालों की संख्या 13 हो गई है। भारत के सऊदी अरब में राजदूत विपुल और दूतावास के अधिकारी मोहम्मद यूसुफ अली की अंतिम प्रार्थना सभा में शामिल हुए। उन्होंने शोकाकुल परिवार से संवेदना जताई और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

एएनआई से बात करते हुए सोनी ने कहा कि दुनिया पहले ही कई संकट क्षेत्रों से घिरी है, और ऐसे में इस इलाके में एक और मोर्चा खोलने का कोई औचित्य नहीं है। उनके मुताबिक अंतरराष्ट्रीय समुदाय को हमला करने वाले पक्ष को साफ चेतावनी देनी चाहिए और लड़ रहे देशों को एक मेज पर बैठाने की कोशिश होनी चाहिए। उन्होंने यह भी माना कि समझौते एक दिन में नहीं होते। पहले उन मुद्दों पर सहमति बने जिन पर मतभेद कम हैं, फिर धीरे-धीरे कठिन सवालों की तरफ बढ़ा जाए।

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समुद्री सुरक्षा और भारत की चिंता

सोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस ऐलान का भी जिक्र किया जिसमें रूस-यूक्रेन संघर्ष में ऊर्जा ढांचे पर हमले रोकने की बात कही गई है। उन्होंने माना कि इस समझौते का असर यूरोप, रूस और अमेरिका पर पड़ सकता है, लेकिन इसकी स्पष्टता को लेकर सवाल भी उठते हैं।

भारत के लिए सबसे अहम मुद्दा समुद्री जहाजों और नाविकों की सुरक्षा है। सोनी के अनुसार, भारत की असली चिंता उन निर्दोष नाविकों को लेकर है जो व्यावसायिक जहाजों पर काम करते हैं, और उनकी सुरक्षा की गारंटी होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर हुई एक बैठक में 25 देशों के समूह ने इसी तरह के चरणबद्ध रास्ते पर सहमति जताई है। इस समूह में भारत और लाइबेरिया भी शामिल हैं। लाइबेरिया के पास दुनिया के सबसे बड़े पंजीकृत जहाजी बेड़ों में से एक है, जबकि भारत सबसे ज्यादा नाविक उपलब्ध कराता है। सोनी ने सुझाव दिया कि इस प्रस्ताव को अंतरराष्ट्रीय समुद्

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