रियाद एयरपोर्ट हमले में मौत 13 पर, मंत्री ने घायलों का हाल जाना

रियाद, सऊदी अरब: किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए लगातार हमलों के बाद सऊदी अरब के स्वास्थ्य मंत्री फहद अलजलाजेल रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को रियाद के अस्पतालों में पहुंचे और वहां भर्ती उन लोगों से मिले जो इन हमलों में बच गए हैं। इसी दिन मौतों का आंकड़ा 13 तक पहुंच गया, क्योंकि पहले हमले में घायल एक भारतीय नागरिक ने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
हमलों की शुरुआत शनिवार, 10 अक्टूबर को हुई थी। पहले ही हमले में 13 लोगों की जान गई थी और 309 लोग घायल हुए थे। सऊदी जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के अनुसार, मरने वालों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी, एक अमेरिकी, एक मिस्री, एक जॉर्डन का, एक सीरियाई, एक फिलिस्तीनी और एक सूडानी नागरिक शामिल थे। घायलों में 11 भारतीय और छह पाकिस्तानी नागरिक भी हैं।
रविवार को दूसरा हमला, टर्मिनल 4 में लगी आग
रविवार को एक और हमला हुआ। एक प्रोजेक्टाइल एयरपोर्ट के टर्मिनल 4 से टकराया, जिससे आग लग गई और कुछ और लोग घायल हो गए। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, इसी दौरान एक क्रूज़ मिसाइल को भी सुविधा के पास रोक लिया गया। यमन में सरकार को समर्थन दे रहे गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने पहले हमले को पूरी तरह से युद्ध अपराध बताया।
ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनका दावा है कि उन्होंने किंग खालिद एयरपोर्ट के साथ दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अरामको के ठिकानों पर भी हमले किए, और इन्हें सऊदी सैन्य कार्रवाइयों का जवाब बताया है।
हमलों के बाद किंग खालिद एयरपोर्ट पर उड़ानें रोक दी गईं और कई फ्लाइट्स का रास्ता बदला गया। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेश ने इस हिंसा की निंदा की और कहा कि नागरिकों और नागरिक ढांचे पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं। संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, आयरलैंड और यूरोपीय आयोग ने भी इन हमलों की आलोचना की है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हूती आंदोलन के खिलाफ संभावित सैन्य जवाब पर विचार करने की खबरें हैं। फिलहाल सबक