रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमला: 14 की मौत, हैदराबाद के इंजीनियर भी

रियाद: यमन के ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने 10 और 11 अक्टूबर के वीकेंड पर सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगातार हमले किए। इन हमलों में बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज़ मिसाइल और ड्रोन का इस्तेमाल हुआ। रियाद एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में कम से कम 14 लोगों की जान चली गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।
सबसे दर्दनाक खबर हैदराबाद से है। मेहदीपट्टनम के रहने वाले 46 वर्षीय IT इंजीनियर मोहम्मद यूसुफ़ अली उमराह के लिए अपने परिवार के साथ सऊदी अरब गए थे। 10 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे, जब पूरा परिवार चेक-इन काउंटर पर था, तभी टर्मिनल पर हमला हुआ। यूसुफ़ अली की चोटों के कारण मौत हो गई। उनके दोनों बेटे, 18 साल के आमान और 16 साल के वासी, गंभीर रूप से घायल हुए हैं। वासी की सर्जरी हुई है और उनके एक पैर की उंगलियां भी काटनी पड़ीं। पत्नी समीरा और 11 साल की बेटी मरियम को मामूली चोटें आई हैं।
भारतीय दूतावास मदद में जुटा
रियाद स्थित भारतीय दूतावास करीब 11 घायल भारतीयों के इलाज में मदद कर रहा है और मृतक के पार्थिव शरीर को भारत लाने की व्यवस्था में जुटा है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने परिवार के प्रति शोक जताया है।
सऊदी अरब की जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) के मुताबिक, शनिवार को हुए पहले हमले में 12 लोगों की मौत हुई। इनमें सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो लोग और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान के नागरिक शामिल थे। मृतकों में मिस्र की फ्लाईनास एयरलाइन्स की एयर होस्टेस अज़ा रमज़ी मुहम्मद हसन और सीरिया की रहने वाली बुथैना अहमद ओवेदा का नाम भी है।
रविवार 11 अक्टूबर को टर्मिनल 3 और 4 के इलाके को निशाना बनाया गया। इस हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की मौत हुई और 11 लोग घायल हुए।
हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली है। उनके प्रवक्ता याह्या सरी ने ऐलान किया कि मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी अरब के सभी एयरपोर्ट और हवाई क्षेत्र उनके "ऑपरेशनल ज़ोन" हैं।
हमलों का असर उड़ानों पर साफ दिख रहा है। Cirium के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार 12 अक्टूबर तक स