रियाद एयरपोर्ट हमला: 12 से ज़्यादा मौतें, दुनिया ने की कड़ी निंदा

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हुए एक घातक हमले ने पूरे इलाके को हिला दिया। इस रियाद एयरपोर्ट हमले में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई और 300 से ज़्यादा लोग घायल हुए। सऊदी अरब में पिछले एक दशक में किसी हमले में इतनी बड़ी संख्या में मौतें दर्ज नहीं हुई थीं।
हमले में मारे गए और घायल लोगों में सऊदी अरब के नागरिकों के अलावा बांग्लादेश, फिलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के लोग भी शामिल थे। एक भारतीय नागरिक की रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। हमले के बाद एयरपोर्ट का संचालन अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
रविवार को फिर धमाका, टर्मिनल 4 में आग
हालात रविवार, 11 अक्टूबर को भी शांत नहीं हुए। एयरपोर्ट के टर्मिनल 4 पर एक प्रोजेक्टाइल आ गिरा, जिससे आग लग गई और कुछ और लोग घायल हो गए। उसी दौरान सऊदी वायु रक्षा प्रणाली ने पास में एक क्रूज़ मिसाइल को हवा में ही मार गिराया। यानी खतरा अभी टला नहीं है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सारी ने शनिवार के हमले की ज़िम्मेदारी ली। उन्होंने चेतावनी दी कि मक्का और मदीना के एयरपोर्ट को छोड़कर बाकी सभी सऊदी एयरपोर्ट अब उनके "वैध निशाने" हैं और उन्होंने आम लोगों से यात्रा से बचने को कहा। यह बयान उस वक्त आया है जब इससे पहले गुरुवार को हूती हमलों में सऊदी के तीन नागरिकों की जान गई थी, जिनमें एक पायलट भी शामिल था।
सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने इस हमले को "पूरी तरह से युद्ध अपराध" बताया और कड़े जवाब का वादा किया। जवाब में हूतियों का दावा है कि सऊदी सेना ने 24 घंटों के भीतर हूती नियंत्रित इलाकों में 120 से ज़्यादा हवाई हमले किए, जिनमें रविवार को सना एयरपोर्ट पर कथित हमला भी शामिल है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं तेज़ हो गई हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतारेस ने हमले की निंदा करते हुए कहा कि नागरिक ढांचे को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने सुरक्षा परिषद को चेताया कि यमन एक बार फिर "पूर्ण पैमाने के युद्ध" की ओर लौट गया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने इस घटना को "खतरनाक बढ़ोतरी" बताया और इन हमलों के पीछे ईरान समर्थित गुटों को ज़िम्मेदार ठहराया।
अमेरिका की ओर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वे यमन में सैन्य हस्तक्षेप और ईरान के खिलाफ कार्रवाई फिर से शुरू करने के विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। वहीं सऊदी अरब में अमेरिका के पूर्व राजदूत माइकल रैटनी ने कहा कि नागरिक एयरपोर्ट को जानबूझकर निशाना बन