सऊदी एयरपोर्ट पर हूती हमला: 12 मौतें, EU ने की कड़ी निंदा

रियाद, सऊदी अरब: सऊदी अरब की राजधानी रियाद में शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हूती विद्रोही संगठन के हमले में भारी तबाही हुई। सरकारी रिपोर्टों के मुताबिक इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई, जबकि 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। इस घटना के बाद रियाद पर हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं, और यूरोपीय संघ ने इसे आतंक का घिनौना कृत्य बताया है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने इस घटना को खतरनाक बढ़ोतरी करार दिया। उनका कहना है कि नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर अंधाधुंध हमलों को किसी भी तरह सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने इस अस्थिरता के पीछे ईरान समर्थित गुटों की भूमिका की ओर भी इशारा किया।
यूरोपीय संघ की अगली रणनीति
यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से फोन पर बात की और सऊदी अरब के साथ एकजुटता दोहराई। उन्होंने बताया कि 12 अक्टूबर 2026 को लक्ज़मबर्ग में यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री मिलेंगे, जहां इस बढ़ते तनाव से निपटने के लिए अतिरिक्त कदमों पर चर्चा होगी।
सऊदी अरब में यूरोपीय संघ के राजदूत क्रिस्टोफ फार्नो ने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। उन्होंने लाल सागर में यूरोपीय संघ के नौसैनिक मिशन 'ऑपरेशन एस्पाइड्स' को मज़बूत करने के प्रयासों का ज़िक्र किया, जो रियाद के नेतृत्व वाले समुद्री गठबंधन के साथ तालमेल में चल रहे हैं।
इस हमले पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुटेरेस ने भी प्रतिक्रिया दी। उनके अनुसार यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और तुरंत हिंसा रोकी जानी चाहिए। जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल ने इसे आतंकी कार्रवाई बताया। डेनमार्क और चीन ने भी इस घटना की औपचारिक निंदा की, और डेनमार्क ने हूतियों को हथियार और समर्थन देने में ईरान की भूमिका की ओर ध्यान खींचा।
यूरोपीय संघ ने हूती आंदोलन से नागरिक ठि