यूरोपीय संघ ने रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमले की कड़ी निंदा की

रियाद: सऊदी अरब की राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर शनिवार, 10 अक्टूबर 2026 को हूती मिसाइल हमला हुआ, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। इस हमले में 12 लोगों की जान चली गई और 309 लोग घायल हुए। सऊदी अरब में 2015 के बाद यह अब तक की सबसे घातक घटना मानी जा रही है। यूरोपीय संघ और यूरोपीय आयोग ने सऊदी अरब के साथ एकजुटता जताते हुए इस हमले को सीधी निंदा का निशाना बनाया है।
हमला एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 और 4 पर हुआ। मृतकों में सऊदी अरब के अलावा बांग्लादेश, फिलिस्तीन, अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया और सूडान के नागरिक भी शामिल थे। इससे साफ है कि यह हादसा किसी एक देश तक सीमित नहीं रहा।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लेयेन ने इस घटना को "खतरनाक बढ़ोतरी" बताया। उनका कहना है कि आम नागरिकों को निशाना बनाने वाले ऐसे हमले वैश्विक परिवहन और ऊर्जा मार्गों को अस्थिर करते हैं। विदेश और सुरक्षा नीति की प्रमुख काजा कल्लास ने सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान से बात करने के बाद इसे "भयावह आतंकी कृत्य" कहा।
यूरोपीय देशों की अगली बैठक और हवाई सुरक्षा
इस घटना के बाद यूरोपीय संघ के विदेश मंत्री सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को बैठक करेंगे। बैठक में क्षेत्रीय तनाव पर चर्चा होगी और यूरोपीय संघ के ऑपरेशन एस्पाइड तथा सऊदी नेतृत्व वाले बहुराष्ट्रीय समुद्री रक्षा गठबंधन के बीच समुद्री तालमेल मजबूत करने पर बात होगी।
हमले के बाद एयरपोर्ट पर उड़ान संचालन रोक दिया गया और रविवार, 11 अक्टूबर तक एयरपोर्ट बंद रहा। कुवैत एयरवेज ने इससे जुड़ी सभी प्रासंगिक उड़ानें रद्द कर दी हैं। वहीं यूरोपीय यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी (EASA) ने एयरलाइनों से सऊदी हवाई क्षेत्र के विस्तारित हिस्सों से बचने की सलाह दी है, क्योंकि वहां सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है।
हूती सैन्य प्रवक्ता यहिया सारी ने रविवार को चेतावनी जारी करते हुए मक्का और मदीना के एयरपोर्ट को छोड़कर सभी सऊदी एयरपोर्ट को "वैध सैन्य लक्ष्य" बताया। दूसरी ओर, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस घटना को "पूर्ण युद्ध अपराध" करार दिया है और कहा है कि एक दूसरी बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन को रोके जाने के बाद जल्द ही निर्णायक जवाब आने वाला है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन तत्काल रोकने की मांग की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले को "स्वीकार्य नहीं" बताया। पाकिस्तान, सीरिया और अरब लीग के नेताओं ने भी रियाद के समर्थन का भरोसा दिया है।