रियाद एयरपोर्ट पर हूती हमला: GCC महासचिव ने की कड़ी निंदा

रियाद (सऊदी अरब): खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हूती मिलिशिया के हालिया हमलों की कड़ी निंदा की है। रियाद एयरपोर्ट हमला अब पूरे क्षेत्र की चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि 8 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला सामने आई है।
अलबुदैवी ने इन हमलों को "खतरनाक बढ़ोतरी", "आपराधिक कृत्य" और "विश्वासघाती आतंकी हमला" बताया। उनके अनुसार यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवीय सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि किसी एयरपोर्ट जैसे नागरिक ढांचे को निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है, और इससे सिर्फ सऊदी अरब की सुरक्षा ही नहीं, बल्कि पूरे इलाके की स्थिरता भी खतरे में पड़ती है।
10 अक्टूबर का हमला सबसे घातक रहा
सबसे गंभीर घटना 10 अक्टूबर को हुई, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। मृतकों और घायलों में चार सऊदी नागरिक, दो बांग्लादेशी नागरिक, और अमेरिका, जॉर्डन, फिलिस्तीन, सीरिया, सूडान और मिस्र के एक-एक नागरिक शामिल बताए गए हैं। इससे पहले 8 और 9 अक्टूबर को हुए हमलों में 3 से 4 और लोगों की जान गई।
हमलों के बाद किंग खालिद एयरपोर्ट पर कामकाज अस्थायी रूप से रोक दिया गया। इसकी वजह से बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हुईं या दूसरी जगह मोड़ी गईं, और यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने इस हमले को "पूर्ण युद्ध अपराध" करार दिया है और "निर्णायक जवाब" देने की बात कही है। गठबंधन का दावा है कि उसने कई ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया।
इस घटना पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी तेज रही। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र विशेष दूत हांस ग्रुंडबर्ग के अलावा अमेरिका, जॉर्डन, पाकिस्तान, यमन और तुर्की के अधिकारियों ने भी हिंसा की निंदा की। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक अमेरिकी नागरिक की मौत के बाद हमलों की आलोचना की। वहीं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका हूती ठिकानों पर गठबंधन की कार्रवाई में शामिल होने की संभावना पर विचार कर रहा है।
रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने सभी अमेरिकी नागरिकों को एयरपोर्ट और उसके आसपास के इलाके से दूर रहने की सलाह दी है। फिलहाल हालात पर नजर रखी जा रही है, और आगे की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हैं।