किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूथी हमला, अब फिर शुरू हुआ हवाई संचालन

रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (KKIA) एक बार फिर से चालू हो गया है। गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को शाम 6:00 बजे से यहां सामान्य हवाई यातायात बहाल किया गया। यह फैसला हूथी विद्रोहियों द्वारा किए गए भीषण मिसाइल हमलों के बाद लिया गया, जिसने पूरे सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया। जनरल अथॉरिटी ऑफ सिविल एविएशन (GACA) ने पुष्टि की है कि सुरक्षा जांच के बाद अब एयरपोर्ट पूरी तरह से काम कर रहा है।
इस हमले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि हूथी विद्रोहियों ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इन मिसाइलों ने न केवल एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, बल्कि जमीन पर खड़े सऊदी एयरलाइंस के एक विमान को भी चपेट में ले लिया। इस दुखद घटना में तीन सऊदी नागरिकों की जान चली गई, जिनमें सऊदी एयरलाइंस के कैप्टन हमूद अली अलकल्थमी भी शामिल थे। इसके अलावा, अलग-अलग देशों के कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सऊदी अरब का पलटवार और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यह हमला अचानक नहीं हुआ, बल्कि इससे पहले 6 और 7 अक्टूबर के बीच अबहा, जाज़ान और नज़रान के हवाई अड्डों पर भी इसी तरह के हमले हुए थे, जिनमें जान-माल का नुकसान हुआ था। हूथी सैन्य प्रवक्ता याह्या सारे ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए सऊदी हवाई क्षेत्र को सैन्य अभियानों का सक्रिय क्षेत्र घोषित कर दिया है।
जवाब में, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने एक व्यापक सैन्य अभियान छेड़ दिया है। इस ऑपरेशन के तहत यमन के विभिन्न प्रांतों में हूथी विद्रोहियों के 82 ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है। सऊदी अरब ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इन हमलों को माफ नहीं किया जाएगा।
सुरक्षा कारणों से एयर इंडिया और लुफ्थांसा ग्रुप जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों ने कुछ समय के लिए रियाद की उड़ानें निलंबित या डायवर्ट कर दी थीं। वहीं, अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया और सरकारी कर्मचारियों के लिए विशेष अनुमति अनिवार्य कर दी। भारत, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के खिलाफ सऊदी अरब के साथ अपनी एकजुटता जताई है।