रियाद एयरपोर्ट हमला: तीन मौत, सऊदी गठबंधन के 136 ठिकाने ध्वस्त

रियाद: गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को राजधानी रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों ने दो हमले किए। इस हमले में तीन सऊदी नागरिकों की मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हुए, जिनमें अलग-अलग देशों के निवासी भी शामिल हैं। रियाद एयरपोर्ट हमले की इस घटना ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
हमले में मरने वालों में सऊदिया एयरलाइंस के कैप्टन हमूद अली अलकलथामी भी शामिल हैं। एयरपोर्ट के ढांचे को नुकसान पहुंचा और खड़े एक सऊदिया विमान में आग लग गई। विमान पर किसी प्रोजेक्टाइल या छर्रे के लगने की बात कही गई है। राहत की बात यह रही कि उस समय विमान में कोई यात्री सवार नहीं था। आग और धुएं की खबर मिलते ही आपातकालीन दल मौके पर पहुंचे।
उड़ानों पर असर, यात्री परेशान
हमले के बाद हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। एमिरेट्स, एतिहाद, लुफ्थांसा, एयर इंडिया और इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइनों ने अपनी सेवाएं रोक दीं। इससे संयुक्त अरब अमीरात, भारत, पाकिस्तान और कई दूसरे देशों के हजारों यात्रियों की योजनाएं गड़बड़ा गईं। सऊदी अधिकारियों ने अब बताया है कि सामान्य उड़ान संचालन फिर से शुरू हो गया है।
हूती आंदोलन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उसका कहना है कि उसने बैलिस्टिक या क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया और यह कदम यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार को सऊदी समर्थन के विरोध में उठाया गया है। हूती समूह ने हवाई क्षेत्र की नाकेबंदी लागू करने की बात भी कही है। यह हमला उसी हफ्ते हुए अबहा और रियाद एयरपोर्ट पर पहले के हमलों के बाद हुआ, जिनमें तीन लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हुए थे।
इस बीच सऊदी अरब के नेतृत्व वाले यमन में वैधानिकता समर्थन गठबंधन ने बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू की। गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मालिकी ने पुष्टि की कि ‘ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन’ के तहत हूती सैन्य ठिकाने नष्ट किए गए हैं। इनमें कर्मी, बैलिस्टिक मिसाइल प्रणालियां और अन्य क्षमताएं शामिल बताई गई हैं। वहीं हूती मीडिया स्रोतों का आरोप है कि सऊदी हमलों से सादा प्रांत प्रभावित हुआ और सना में लोग हताहत हुए। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
संयुक्त अरब अमीरात और कतर समेत खाड़ी देशों ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे सऊदी संप्रभुता का उ