हूती हमले: एर्दोआन ने रियाद एयरपोर्ट पर हमलों की निंदा की

अंकारा: तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (KKIA) पर हूती विद्रोहियों के हमलों की कड़ी निंदा की। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ कहा कि तुर्की इन हमलों को गैरकानूनी और अमानवीय मानता है और इस मुश्किल घड़ी में सऊदी अरब के साथ खड़ा है। रियाद एयरपोर्ट हमला अब सिर्फ एक शहर की घटना नहीं रहा, बल्कि पूरे इलाके की सुरक्षा पर सवाल बन गया है।
एर्दोआन ने मरने वालों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो उमराह की यात्रा पर थे। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की उन्होंने दुआ की।
हालात तेजी से बिगड़े हैं। शनिवार, 10 अक्टूबर को एयरपोर्ट पर मिसाइल हमले में 13 लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा लोग घायल हुए। अगले दिन, रविवार 11 अक्टूबर को एक पैसेंजर टर्मिनल पर हुए हमले में एक पाकिस्तानी नागरिक की जान गई और 11 लोग घायल हुए। इससे पहले इस हफ्ते किंग खालिद और अबहा एयरपोर्ट पर भी हमले हो चुके थे। इन सभी घटनाओं को मिलाकर हाल के हूती हमलों में मरने वालों की संख्या कम से कम 20 बताई जा रही है। इनमें एक अमेरिकी नागरिक भी शामिल है, और पहले की घटनाओं में 36 लोग घायल हुए।
संयुक्त राष्ट्र और क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया
इन हमलों पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने तुरंत सभी हमले रोकने की मांग की। उनका कहना है कि नागरिक ढांचे पर हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन हैं। उधर सऊदी अरब, मिस्र, पाकिस्तान और तुर्की के समूह 'R4' ने संयुक्त बयान जारी करके इन हमलों को सऊदी संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है।
एर्दोआन ने यह भी पुष्टि की कि अगस्त में तुर्की, सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए 'मक्का संयुक्त रक्षा समझौते' को तुर्की की संसद में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस समझौते के मुताबिक किसी एक देश पर सशस्त्र हमला तीनों पर हमला माना जाएगा।
हवाई यात्रा पर भी असर साफ दिख रहा है। सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण GACA ने किंग खालिद एयरपोर्ट पर संचालन निलंबित रखने की अवधि 17 अक्टूबर 2026 तक बढ़ा दी है। हूती बलों ने मक्का और मदीना को छोड़कर सऊदी के बाकी एयरपोर्ट को सक्रिय युद्ध क्षेत्र घोषित किया है। गल्फ एयर और लुफ्थांसा समेत कई विमानन कंपनियों ने रियाद